ब्लॉक रामनगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाया गया पीएचसी रांग।
उधमपुर। रामनगर ब्लॉक के 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में से 6 केंद्रों में कोई डॉक्टर तैनात नहीं है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को इलाज के लिए उपजिला अस्पताल या उधमपुर जाना पड़ रहा है। जबकि शेष 3 केंद्रों में केवल एक में एमबीबीएस डॉक्टर और दो में आयुर्वेदिक चिकित्सक ही सेवाएं दे रहे हैं।
कोल्ड़ी पीएचसी में रोजाना 50 मरीज आते हैं, लेकिन डॉक्टर न होने के कारण उन्हें 20-25 किमी दूर जाना पड़ता है। सैर मंजला, पिंगर, माड़ता, नाला कोड़ा और रांग जैसे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्र पूरी तरह से डॉक्टरविहीन हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टरों की तैनाती की मांग की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला।
विधायक डॉ. सुनील भारद्वाज ने बताया कि इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में उठाया गया था। स्वास्थ्य मंत्री से चिकित्सकों की कमी दूर करने का आश्वासन मिला है। उम्मीद है कि जल्द ही नियुक्तियां होंगी।
स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं देने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हालात इसके विपरीत हैं। भुगतयरान, कोल्ड़ी और चनुंनता पीएचसी में मौजूद आयुर्वेदिक चिकित्सक भी सभी रोगियों का इलाज नहीं कर पाते, क्योंकि उनकी विशेषज्ञता सीमित है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि सरकार तुरंत इन केंद्रों पर एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती करे, ताकि उन्हें बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।