तीन साल पहले भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुआ मिडिल स्कूल अपर मानता
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ब्लाॅक चिनैनी के तहत आते सरकारी मिडिल स्कूल अपर मानता में तीन साल पहले बनाए गए दो नए ब्लाॅक का विद्यार्थियों के लिए उपयोग हैंडओवर के मामले पर अटका हुआ है। इसका खामियाजा स्कूल में पढ़ने वाले मासूम विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। उनकी पहली से 8वीं तक की कक्षाएं स्कूल के दो कमरों में संचालित हो रहीं हैं, जिससे उनकी शिक्षा भी प्रभावित हो रही हैं।
गांव अपर मानता में भूस्खलन के चलते इस सरकारी मिडिल स्कूल की इमारत भी गिर कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। सरकार द्वारा नए भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को डेढ़ करोड़ की राशि आवंटित की गई। उक्त राशि से साल 2022 में दो नए ब्लॉक निर्मित किए गए। लेकिन इसके बाद मामला इन ब्लाकों की हैंडओवर पर अटका हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इन ब्लॉकों में से एक ब्लॉक को ठेकेदार द्वारा ताला लगाकर बंद रखा है और दूसरे ब्लॉक में भी एक कमरे में उसने अपना निजी सामान रखकर ताला लगाया गया है। फिलहाल दो कमरों में ही शिक्षकों द्वारा आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है। इसके चलते छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उधर नए बने दोनों ब्लॉकों बंद पड़े-पड़े ही खस्ताहाल हो गए हैं। इनकी खिड़कियों के कई शीशे भी टूट चुके हैं और चिड़कनियां भी खराब हो चुकी हैं तथा छत से पानी टपकता है। जगह -जगह से पलस्तर भी टूट चुका है। सरकार द्वारा इतना पैसा खर्च करने के बावजूद इमारत का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। लेकिन इसके बावजूद प्रशासन समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
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वहीं ठेकेदार अभिनंदन का कहना है कि साल 2022 में इमारत तैयार की गई है लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इसमें खामियां निकालकर इसे स्वीकृत करने से इनकार दिया है। इसके लिए कई बार मुख्य शिक्षा अधिकारी उधमपुर को भी पत्राचार के माध्यम से जानकारी दी गई है। अभी भी प्रयास किया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन इसे स्वीकार करें, इसमें अगर थोडी बहुत कोई कमी होगी तो उसे दूर करने को भी तैयार हैं।
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कोट
नए ब्लाॅकों के हैंडओवर नहीं के मामले की जांच की जाएगी और कारणों का पता लगाकर जल्द से जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा।
कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ उधमपुर