उधमपुर। शारदीय नवरात्र रामनवमी का पावन पर्व शनिवार को साख विसर्जन और कन्या पूजन के साथ विधिवत रूप से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने शहर व ग्रामीण इलाकों में स्थित नदी-सरोबरों में पूजा के साथ पवित्र साख विसर्जित की। वहीं, घरों में कन्या पूजन का भी आयोजन किया गया। रामनवमी पर देविकानगरी पूरी तरह से महामाई और भगवान राम की भक्ति में डूबी नजर आई। कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पूरा ध्यान रखा गया।
देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने पहले विधिवत रूप से देविका नदी में पवित्र साख को विसर्जित किया और फिर देविका स्थित मंदिरों में माथा टेक कर परिवार की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। टी मोड़ स्थित काली माता मंदिर में प्रार्थना करने के लिए सुबह करीब छह बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई थी। श्रद्धालु घंटों अपनी बारी के इंतजार के लिए लाइनों में लगे रहे। बारी आने पर सभी ने काली मां के चरणों में सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
रैंबल स्थित काली माता के मंदिर में भी सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों में विशेष तौर पर कन्या पूजन भी किया। रामनवमी के पावन अवसर पर शहर व ग्रामीण इलाकों में स्थित मंदिरों में विशेष पूजन आयोजन किया गया। मंदिरों में दिनभर माता का भजन-कीर्तन जारी रहा। दिनभर देविका नगरी महामाई की भक्ति में डूबी नजर आई। इस मौके पर शहरवासियों ने दान-पुण्य भी किया। मंदिरों व अन्य कई सार्वजनकि स्थलों पर सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के नियम का पूरा ख्याल रखा गया।