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शहीद इंस्पेक्टर कमल सिंह के नाम से स्कूल का किया गया नामकरण

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उधमपुर में स्कूल के नामकरण के कार्यक्रम में मौजूद एडीजीपी व अन्य पुलिस व प्रशासन के अधिकारी - फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। सरकारी मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल ब्वॉयज उधमपुर का नाम सोमवार से शहीद इंस्पेक्टर कमल सिंह मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल ब्वॉयज उधमपुर कर दिया गया। इसका उद्घाटन एडीजीपी मुकेश सिंह ने शहीद की पत्नी चंचला देवी व कई अधिकारियों के साथ मिलकर किया।
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कार्यक्रम की मुख्यातिथि शहीद की पत्नी थीं। सुबह करीब साढ़े 11 बजे स्कूल का उद्घाटन करने के बाद बारी बारी से पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शहीद की तस्वीर पर फूल चढ़ा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यार्थियों ने देशभक्ति से प्रेरित नाटक व संगीतमय कार्यक्रम पेश किए। दिखाया गया कि सुरक्षाबल देश की सेवा में लगे हुए हैं। कई जवानों ने देश के लिए हंसते हुए अपनी जान की कुर्बानी दे दी है। इनकी शहादत को देश कभी नहीं भूल सकता।
एसएसपी सरगुन शुक्ला ने शहीद के जीवन पर रोशनी डालते हुए बताया कि शहीद इंस्पेक्टर कमल सिंह ने इसी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की थी। वह 19 वर्ष की आयु में पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण के दौरान हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने पदोन्नति पाई। इसके बाद कार्यकाल के दौरान भी शानदार कार्य करते हुए स्पेशल प्रमोशन हासिल कर इंस्पेक्टर के पद तक पहुंच गए।
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उन्होंने कहा कि 1995 में शहीद को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप में जाने का अवसर मिला। फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पुलिस विभाग उनकी शहादत को कभी नहीं भूल सकता। डीआईजी मोहम्मद सुलेमान चौधरी ने कहा कि 1995 में आतंकवाद चरम पर था। इस हालात में उन्होंने एसओजी में पदभार संभाला। उनका काम शानदार था। उनकी बहादुरी के किस्से आज भी पुलिस विभाग में सुनाए जाते हैं।
एडीजीपी ने कहा कि शहीद ने देश की रक्षा करते हुए कुर्बानी दी थी। यह दिखाता है कि इस स्कूल में ऐसी शिक्षा मिलती है, जिससे देश के लिए कुछ करने का जज्बा बच्चों में भरा जाता है। डीडीसी अध्यक्ष और नगर परिषद के अध्यक्ष सहित कई लोगों ने इस स्कूल में शिक्षा हासिल की है। पूरे जम्मू कश्मीर में वीर सपूत पैदा हुए हैं। देश में इस तरह के जज्बे वाले लोग बहुत कम मिलते हैं। इस मौके पर उपायुक्त इंदु कंवल चिब व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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एक आतंकी को मारकर शहीद हुए थे कमल सिंह
12 मार्च 2001 को कुछ आतंकी एसओजी कैंप बाबेटेंग पट्टन में घुसने में कामयाब रहे। आतंकियों ने घुसते ही पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसी बीच आतंकी और पुलिस के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। आतंकियों से लोहा लेने में कमल सिंह भी जुट गए। वह आतंकियों पर गोलीबारी करने के साथ अपने साथियों को भी बचाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान एक गोली उनको लगी, और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल होने के बावजूद वह पीछे नहीं हटे, और आतंकियों को गोलीबारी का जवाब देते रहे। इस दौरान उन्होंने एक आतंकी को मार गिराया। इसके बाद और एक गोली उनको लगी, और वह लड़ते हुए शहीद हो गए।

उधमपुर में स्कूल के नामकरण के कार्यक्रम में देशभक्ति से प्रेरित कार्यक्रम पेश करते विद्यार्थी- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर में शहीद इंस्पेक्टर माडल हायर सेकेंडरी स्कूल ब्वायज उधमपुर के नाम से लगाया गेट- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर में शहीद इंस्पेक्टर कमल सिंह को श्रद्धांजलि देती डीसी इंदु कंवल चिब- फोटो : UDHAMPUR

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