बरसात में हादसों का खतरा, हाल ही में एक यात्री वाहन फंसा था नाले में
चिनैनी। नगुलता से रजार तक सड़क तो बना दी गई है, जिससे आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन सड़क पर मौजूद दो डायवर्जनों की समस्या अभी भी बनी हुई है।
इन डायवर्जनों में हमेशा पानी भरा रहता है और बरसात के दौरान पानी का बहाव इतना तेज हो जाता है कि न केवल गाड़ियों का गुजरना मुश्किल हो जाता है, बल्कि पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं रहता। हाल ही में, एक यात्री वाहन इसी नाले में फंस गया था, जिसे एक टैंकर की मदद से बाहर निकाला गया।
पूर्व सरपंच पवन कुमार, प्रकाश, रूप चंद, सुभाष सिंह सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि करीब 23 किलोमीटर लंबी इस सड़क से पंचायत नगुलता ए, नगुलता बी, घाड़िया, कोलासर, अरस पीसर, बागड़ और छशकरी जैसे गांवों को जोड़ने में मदद मिली है। इससे लगभग 15,000 से अधिक लोगों को फायदा हो रहा है, लेकिन दो डायवर्जनों की समस्या बरसात के दिनों में बड़ी परेशानी का कारण बनती है। ग्रामीणों का कहना है कि इन स्थानों पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संवादनगुलता-रजार सड़क के बीच दोनों डायवर्जनों पर 20-20 मीटर के पुल बनाने की योजना बनाई गई है। हालांकि, अभी इन पुलों के लिए बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। फंड मंजूर होते ही पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
रितेश कुमार, एईई पीएमजीएसवाई विभाग