डोर-टू-डोर कचरा अभियान...व्यापारियों को 250 रुपये शुल्क नामंजूर
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। नगर परिषद शहर में साफ सफाई की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए डोर-टू-डोर कचरा उठाने का अभियान चला रहा है। मगर व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर लगाए गए शुल्क से व्यापारी नाराज हैं। शुल्क 250 रुपये से कम करने की चल रही परिषद और व्यापारियों की लड़ाई में सफाई मुहिम फंस गई है।
हालांकि शहरवासी भी चाहते हैं कि नगर को कचरा मुक्त बनाया जाए, लेकिन घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित शुल्क को लेकर व्यापारी वर्ग और नगर परिषद के बीच चले रहे विवाद से यह मुहिम दम तोड़ती नजर आ रही है। इस मुहिम को जारी रखने के लिए व शहर को सुंदर बनाए रखने के लिए नगर परिषद को सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकने पर 5 हजार रुपये के जुर्माने का फरमान जारी करना पड़ा।
घर का 100 और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का है 250 रुपये शुल्क : व्यापारी वर्ग की बात करें तो उनका कहना है कि जो 250 प्रति माह शुल्क नगर परिषद द्वारा रखा गया है वो बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अगर नगर परिषद 100 रुपये शुल्क रखे तो सभी दुकानदार देने को तैयार है। लेकिन जितना शुल्क रखा गया है उसे कोई भी दुकानदार देने को तैयार नहीं हैं। दुकानदारों का कहना था कि पूरे महीने डोर टू डोर दुकानों से
कचरा उठाने वाले नहीं आते हैं। जिस दिन पूरा महीना काम करेंगे तो हम प्रति माह 100 रुपये शुल्क देने को तैयार है।
हर वार्ड में पहुंच रही सेवा पर मासिक शुल्क की नहीं हो रही भरपाई
डोर टू डोर कचरा उठाने वाली लार्ड शिवा इंटरप्राइजेज के मैनेजर दिपांशु सिंह का कहना था कि उन्हें शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर जब कई लोगों व व्यापारियों द्वारा उन्हें प्रति माह दिए जाने वाला शुल्क नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि जब पैसा ही नहीं आएगा तो वह कैसे काम करेंगे। उन्होंने कहा कि लोग शहर को सुंदर भी देखना चाहते है तो वहीं दूसरी तरफ पैसे देने को कई लोग तैयार नहीं है। तो ऐसे में हम लोग कहां से इस अभियान को चलाकर शहर को कचरा मुक्त बना सकते है। उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि कई लोग नाम मात्र शुल्क भी देने को तैयार नहीं है। वहीं व्यापारी वर्ग की बात करें तो वह लोग भी शुल्क नहीं दे रहे है। दुकानदारों का कहना है कि प्रति माह 250 रुपये शुल्क बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर सरकारी शुल्क 100 रुपये रखा गया है जबकि दुकानों से 250 प्रति माह शुल्क लगाया गया है यह सरकारी रेट है न कि कंपनी की ओर से लगाया गया है। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर कचरा उठाने के लिए 10 ऑटो लगाए गए हैं, जबकि 1 डंपर, जेसीबी, 3 ट्राली लगाए गए है जो पूरी तरह से पर्याप्त हैं।
- दिपांशु सिंह, मैनेजर
व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भी लिए जाएं 100 रुपये मासिक
नगर परिषद को वह कई बार बोल चुके है कि डोर टू डोर सफाई कर्मचारी और व्यापारियों में आपसी बैठक करवाई जाए ताकि यह मामला सुलझ सके। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले नगर परिषद द्वारा घरों से 50 और दुकानों से 100 रुपये शुल्क लिया जाता था जिससे बढ़ाकर नगर परिषद ने घरों का 100 और दुकानों 250 प्रति माह कर दिया। घरों के लिए तो ठीक हुए परंतु दुकानों को शुल्क को कम करके 100 रुपये प्रति माह करे। ताकि सभी दुकानदार इस शुल्क को दे सके। उन्होंने कहा कि यह हमारा अपना शहर है और कौन नहीं चाहता की शहर सुंदर दिखाई दे। लेकिन इसके लिए नगर परिषद को व्यापारी वर्ग के साथ बैठक करनी पड़ेगी फिर जाकर शहर के सभी दुकानदार शुल्क देने से परहेज नहीं करेंगे।
-जतिद्र वरमानी, व्यापार मंडल प्रधान
शुल्क से ऐतराज नहीं सुविधाएं हों ओर बेहतर
डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए जो कर्मचारी आते हैं अगर वो पूरा महीना रूटीन में आए तो हमें 100 रुपये शुल्क देने को कोई परहेज नहीं है। हर किसी को अपना सहयोग देना चाहिए। -विशाल महाजन, स्थानीय निवासी आदर्श काॅलोनी
बीच का रास्ता निकालकर जायज शुल्क हो निर्धारित
पहले 100 रुपये प्रति व्यापारी से लिए जाते थे। परंतु उसे बढ़ाकर 250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। नगर परिषद को चाहिए कि बीच का रास्ता निकालकर जायज शुल्क निर्धारित किया जाए।
- सुदेश खजूरिया, व्यापारी
नहीं आती गाड़ी तो 96825-25930 पर करें कॉल
डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले 60 के करीब कर्मचारी काम कर रहे है। जब लोग शुल्क ही नहीं देंगे तो इन कर्मचारियों का वेतन कहां से दिया जाएगा। अगर किसी वार्ड में कूड़ा उठाने वाले नहीं पहुंच रहे हैं। हेल्पलाइन नंबर 96825 25930 पर संपर्क कर सकते हैं।
-दिपांशु सिंह, प्रबंधक
मासिक शुल्क में दें सहयोग सफाई व्यवस्था होगी बेहतर
अगर लोग चाहते हंै कि शहर कचरा मुक्त बने तो मासिक शुल्क देना चाहिए। ऐसे में अगर कोई डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में कूड़ा डालने की बजाए सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा डालता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते 5 हजार रुपये जुर्माना रखा गया है।
- अमित शर्मा, सीईओ