- डॉ. सुनील भारद्वाज ने विधानसभा सत्र में स्पष्ट और ठोस कदम उठाने की मांग की
रामनगर। विधायक डॉ. सुनील भारद्वाज ने विधानसभा में रामनगर हलके के अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से रामनगर उप-जिला अस्पताल, बसंतगढ़ अस्पताल और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी को दूर करने की मांग की।
उनके प्रश्न के जवाब स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने कहा कि सरकार फिलहाल अस्पतालों के उन्नयन से ज्यादा वहां सुविधाएं और डॉक्टरों की कमी दूर करने पर काम कर रही है। इससे पूर्व भारद्वाज ने कहा कि रामनगर उप-जिला अस्पताल में एक सर्जन और एक बाल रोग विशेषज्ञ की कमी है। कई प्राइमरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तो एक भी चिकित्सा अधिकारी नहीं है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं और असमान नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। बताया कि पीएचसी चनूंता में पिछले पांच वर्षों से एक डेंटल सर्जन की नियुक्ति तो हुई है, लेकिन वह कार्यस्थल पर मौजूद नहीं रहते और फिर भी वेतन प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने बसंतगढ़ अस्पताल में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी की भी कड़ी आलोचना की। बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं है, जिससे मरीजों को महंगे निजी लैब पर निर्भर रहना पड़ता है। आपातकालीन मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान चली जाती है। उन्होंने रामनगर अस्पताल के उन्नयन के लिए 25 करोड़ की बजट स्वीकृति की मांग की, जिससे इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने सरकार से बसंतगढ़ पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड करने का अनुरोध किया, जिससे लगभग 80,000 लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, उन्होंने बसंतगढ़ अस्पताल तक पहुंचने के लिए सड़कों के निर्माण की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज भी मरीजों को अस्थायी स्ट्रेचर पर अस्पताल तक ले जाना पड़ता है। संवाद