उधमपुर। जिले में पीसी और पीएनडीटी अधिनियम के परिपालन की समीक्षा को लेकर उपायुक्त इंदु कंवल चिब की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (डीएसी) की बैठक हुई। इसमें लिंग परीक्षण की रोकथाम को लेकर अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों का पंजीकरण व नवीनीकरण, पूर्व धारणा व प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, जीसीसी, प्रयोगशालाओं व क्लीनिकों का विनियमन, अपराध व दंड, क्लीनिक स्थापना अधिनियम, पंजीकरण का प्रावधान, पीसी व पीएनडीटी अधिनियम की निगरानी और परिपालन का निरीक्षण तंत्र, सामान्य जागरूकता, आदि के लिए आईईसी गतिविधियों का आयोजन जैसे विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान डीडीसी ने सदस्यों पर पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम की प्रभावी निगरानी और कार्यान्वयन के लिए जिले में अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों की रैंडम जांच बढ़ाने करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने प्रसव पूर्व लिंग जांच के अवैध काम पर कड़ी जांच की मांग करते हुए स्वास्थ्य विभाग को अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों का लगातार निरीक्षण करने, अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जांच करने और दोषियों को दंडित करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों ने अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों की निगरानी व जांच में गैर सरकारी संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन पर चर्चा की। बैठक में अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त कांता देवी, अतिरिक्त एसपी अनवर-उल हक, जिला समाज कल्याण अधिकारी नवाज शरीफ, जिला अस्पताल के एमएस डॉ. विजय रैना, सलाहकार प्रसूतिशास्त्री डॉ. पूजा गुप्ता, बच्चों के सलाहकार चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार, सलाहकार रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मनीषा लंगर और एनजीओ जियो और जीने दो के अध्यक्ष तारिक शाह मौजूद रहे।