उधमपुर: जिला अस्पताल को जाने वाले रास्ते पर बैठे आवारा कुत्ते.
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। शहरवासियों को जल्द आवारा कुत्तों से राहत मिलने वाली है। शहर के कुत्ते अब न तो लोगों को काटकर रेबीज की बीमारी दे सकेंगे, और न ही पिल्लों को जन्म दे पाएंगे। क्योंकि, जिला प्रशासन व नगर परिषद ने सभी कुत्तों को पकड़कर रेबीज रोधक टीका और उनकी नसबंदी करने का बीड़ा उठाया है।
10 मार्च को शहर में एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आवारा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। साथ ही अन्य जानवरों की जांच और रेबीज रोधक टीका लगाने की भी व्यवस्था की जाएगी। शिविर में जम्मू से पशु चिकित्सकों की टीम पहुंचेगी।
शहर में आए दिन लावारिस मवेशियों व कुत्तों के कारण शहरवासियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। आवारा कुत्तों के काटने के कई मामले सामने आते हैं, और शहरवासी लगातार इनसे राहत के लिए नगर परिषद व जिला प्रशासन से अपील कर रहे हैं। इसी को लेकर जिला प्रशासन, नगर परिषद और पशु पालन विभाग मिलकर पहली बार पशु जन्म नियंत्रण (एनिमल बर्थ कंट्रोल) शिविर का आयोजन कर रहे हैं।
यह शिविर पोलीटेक्निकल कॉलेज में लगेगा, जहां कुत्तों की पकड़ कर नसबंदी की जाएगी। कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी के लिए जम्मू से एक संस्था उधमपुर पहुंच रही है। कुत्तों की नसबंदी का काम भी इसी टीम के डॉक्टर करेंगे। इन कुत्तों की नसबंदी के साथ एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाने का काम भी किया जाएगा। अगर किसी ने घर में कुत्ता पाल कर रखा है, तो वे भी अपने कुत्ते को शिविर लाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं।
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पशु जन्म नियंत्रण शिविर का आयोजन जिला प्रशासन, नगर परिषद, पशु पालन विभाग और एसपीसीए एनजीओ मिल कर रहे हैं। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। इस शिविर में कुछ जानवरों का उपचार भी किया जाएगा। शिविर का आयोजन विशेष तौर पर कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाने के लिए किया जा रहा है।
- अमित चौधरी, सीईओ, नगर परिषद उधमपुर