संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर। दूसरे रूट पर समय पर पहुंचने के लिए चालक ने मेटाडोर को तेज भगाया। इसी बीच वाहन को साइड देते हुए वह नियंत्रण खो बैठा जिस कारण बस नाली में उतर गई और यात्रियों में चीख-पुखार मच गई। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
हादसा डिग्री कॉलेज मार्ग पर वीरवार सुबह हुआ जिससे वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। मेटाडोर सुबह करीब छह बजे सत्या गांव से रामनगर रवाना हुई थी। सुखा तालाब के पास सामने से अन्य वाहन को साइड देने के चक्कर में चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी का पहिया गहरी नाली में उतर गया। दिन की पहली बस होने के कारण दूध विक्रेता, छात्र और ग्रामीण सफर कर रहे थे।
यात्रियों ने आरोप लगाया कि वाहन निर्धारित समय से देरी से चल रहा था। उधमपुर का समय कवर करने के लिए चालक तेज गति से वाहन चला रहा था। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। लोगों ने मांग की है कि ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगाई जाए ताकि हादसे रोके जा सकें।
बिना सुरक्षा रेलिंग के नालियां बन रही हादसे का कारण
लोगों का कहना है कि नालियों के ऊपर सुरक्षा रेलिंग न होने से हादसे हो रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संकरी है और मोड़ पर ढलान होने के कारण संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। लोगों ने मांग की है कि सड़क किनारे असुरक्षित नालियों पर लोहे की रेलिंग लगाई जाए। ब्लैक स्पॉट्स पर क्रैश बैरियर स्थापित किए जाएं। नालियों को कंक्रीट स्लैब से ढका जाए ताकि वाहन को पास देते समय पहिया गड्ढे में न जाए।