आजादी के 68 साल बीत जाने पर भी उधमपुर की रामनगर तहसील के कई गांवों में आज तक बिजली के कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं। रामनगर तहसील के बसंतगढ़ क्षेत्र के अपर वलोता के वार्ड छह के 50 घरों में, जोफर पंचायत के लढ़ और नाल गांवों, पंचैरी की लोअर मीर पंचायत के गुल्हा बन गांव के अधूबंज मोहड़े के 60 घरों व पत्सू मोहड़े के 20 घरों में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। इसी तरह पंचैरी की मोंगरी पंचायत में भी कई गांवों में आज तक बिजली की सुविधा नहीं मुहैया करवाई जा सकी है।
पूरे जिले में ऐसे गांवों की संख्या दर्जनों में है। इन 68 वर्षों में ग्रामीणों ने कितने ही राजनेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव जोड़े लेकिन कुछ नहीं हुआ। हर बार चुनाव होने पर पार्टियों के लोग इन गांवों में भी आते हैं और बिजली लाने के साथ अन्य लोकलुभावन वादे कर चले जाते हैं, लेकिन आज तक इन गांवों के हिस्से का अंधेरा कोई भी सरकार नहीं दूर कर पाई। यदि शहर के किसी क्षेत्र में एक घंटे के लिए भी बिजली गुल हो जाती है तो लोग बेचैन हो जाते हैं।
उन्हें लगता है कि जिंदगी ठहर सी गई है। न जाने कितने काम लोगों के रुक जाते हैं। ऐसे में बसंतगढ़ के अपर वलोता के वार्ड छह के 50 परिवारों के करीब 200 लोगों व अन्य दर्जनों गांवों के लोग कैसे जिंदगी बसर करते होंगे समझा जा सकता है। वैसे उधमपुर के डीसी की मानें तो जिले में ऐसे दर्जनों गांव हैं। उधमपुर के डीसी नीरज कुमार ने बताया कि पंडित दीन दयाल ज्योति योजना के तहत जिले में करीब 88 गांवों/मोहड़ों में बिजली पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
बसंतगढ़ क्षेत्र के अपर वलोता के वार्ड छह के पूर्व सरपंच तीर्थराम के मुताबिक वार्ड छह के लोगों को हर राजनीतिक दल ने छला है। राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को सिर्फ चुनाव के समय इनकी याद आती है। हर नेता गांव में बिजली लाने और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के वादे करता है और चुनाव के बाद उन्हें भूल जाता है। यहां तक कि जिला प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारियों को भी बिजली कनेक्शन के लिए बताया गया। कई बार उनको ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन कुछ नहीं किया गया।
उनका कहना था कि अब ग्रामीण इतने निराश हो चुके हैं कि इस बारे में बात ही नहीं करना चाहते। इसे वे अपनी नियति मान चुके हैं। यह इन ग्रामीणों के लिए कम सरकारों के लिए शर्म की बात है। अपर वलोता के वार्ड छह, जोफर पंचायत के लढ़ और नाल समेत दर्जनों उन गांवों में जहां आज भी बिजली नहीं है, वहां बच्चे रात में नहीं पढ़ पाते हैं। ग्रामीण सीधे सवाल पूछते हैं आखिर उनके बच्चों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अपील की है कि ग्रामीणों के जीवन में कायम अमावस की काली रात को उजाले में तब्दील करने के लिए उचित कदम उठाएं। रामनगर के विधायक आरएस पठानिया ने कहा कि रामनगर के हर गांव को बिजली मुहैया करवाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। बसतंगढ़ के अपर वलोता के कुछ घरों में बिजली नहीं होने की जानकारी है। जल्द ही वार्ड छह के लोगों को बिजली मुहैया करवाने के लिए योजना तैयार की जाएगी।