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कश्मीरी पंडितों ने घरों में ही मनाई महाशिवरात्रि

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भद्रवाह में महाशिवरात्रि पर मंदिर के बाहर प्रसाद वितरित करते लोग - फोटो : UDHAMPUR
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भद्रवाह। उपजिला भद्रवाह में महाशिवरात्रि का पर्व धार्मिक उत्साह व उमंग के साथ मनाया गया। दिन भर भगवान शिव और पार्वती की पूजा के लिए हजारों श्रद्धालु विभिन्न मंदिरों में उमड़े। विशेषतौर पर भगवान शिव के प्रसिद्ध गुप्त गंगा मंदिर में भक्तों की भीड़ देखने को मिली।
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इसके अलावा पीरस्थान शिव मंदिर, 12 ज्योतिर्लिंग शिव मंदिर परनाला, शिव मंदिर नगरी डोडा, शिव मंदिर प्रेम नगर, शिव मंदिर थात्री, शिव मंदिर किश्तवाड़, शिव गुफा बग्गार सहित जम्मू-डोडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित चिनाब घाटी के सभी शिव मंदिरों को विशेष रोशनी और सुगंधित फूलों से सजाया गया था। जहां महाशिवरात्रि पर सुबह तड़के से ही भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा था।
सभी मंदिरों के बाहर दर्शनों के लिए आए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। लोगों को मंदिर में भोले नाथ के दर्शनों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। हालांकि, परंपरा के तहत कश्मीरी पंडितों ने घरों में शिवरात्रि मनाई। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव की पूजा के साथ उपवास करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं। यह दिन कश्मीरी पंडितों के लिए विशेष प्रासंगिकता रखता है, जो शिववादी हैं। वे तीन दिनों तक पानी और अखरोट से भरे मिट्टी के बर्तनों की पूजा करते हैं। तीन दिनों की पूजा के बाद मिट्टी के बर्तन, जो विभिन्न देवताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें पास की नदी या जल निकाय में विसर्जित कर दिया जाता है। इससे पहले उनमें से अखरोट हटाकर प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
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