संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जम्मू से निकली मां चंडी की वार्षिक त्रिशूल यात्रा शनिवार को उधमपुर पहुंची। इस दौरान संकट मोचन कारगिल हनुमान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद ज्योत के दर्शन किए। इस अवसर पर माता का जागरण भी हुआ। श्रद्धालुओं के लिए भंडारा भी लगाया गया। इससे पहले उधमपुर के अन्य हिस्सों में भी यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
संकट मोचन कारगिल हनुमान मंदिर के बाहर यात्रा के स्वागत और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से इंतजार कर रहे थे। सुबह 11:30 बजे के करीब छड़ी के पहुंचते ही दर्शन के लिए उत्सुक श्रद्धालुओं ने जमकर जयकारे लगाए। इससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
यात्रा स्वागत समिति के सदस्यों ने बताया कि कई वर्षों से हिमाचल के ज्वालाजी से माता की त्रिशूल यात्रा जम्मू से मचैल स्थित दरबार से लिए निकाली जाती है। इस दौरान जगह-जगह स्वागत किया जाता है। जो श्रद्धालु माता के दरबार तक नहीं पहुंच पाते हैं, वह इस यात्रा के दौरान ज्योत का दर्शन करते हैं। 15 अगस्त को मां ज्वालाजी के दरबार से यात्रा का शुभारंभ किया गया था। इसके बाद जम्मू में विश्राम के बाद 17 अगस्त को यात्रा सुबह के समय अगले पड़ाव के लिए निकली थी। इस बीच कुछ देर झज्जर कोटली व गढ़ी में दर्शनार्थियों के लिए रुकने के बाद 11:30 बजे के करीब कारगिल हनुमान मंदिर में पहुंची।
यात्रा समिति के अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह राठौर ने कहा कि उधमपुर के बाद यात्रा डोडा में रात्रि विश्राम करेगी। वहीं रविवार सुबह किश्तवाड़ के लिए प्रस्थान करेगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद 19 अगस्त को अगले पड़ाव अठोली के लिए यात्रा रवाना होगी। 20 अगस्त को छड़ी गुलाबगढ़ पंहुचेगी। 21 अगस्त को यह यात्रा चिशौती पहुंचेगी। फिर 22 अगस्त को दरबार पंहुचेगी। यात्रा में राजू जैन, दीपांकर गुप्ता, राजकुमार बुच्चा, नीटू अरोड़ा, अनिल अरोड़ा सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।
रिपोर्ट-विजय कुमार