जिले भर में बुधवार को लोहड़ी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। पूरे दिन बाजारों में चहल पहल रही। घर-घर में उल्लास का वातावरण बना रहा। एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाइयां दी गईं।
ढोल नगाड़ों के साथ नाच-गाना हुआ। रात तक उल्लासपूर्ण माहौल बना रहा। पारंपरिक रूप से गृहणियों द्वारा बनाई गई तिलचौली का प्रसाद वितरित किया गया।
लोहड़ी को लेकर बच्चे सुबह से ही टोलियों में घूमने निकल गए। घर-घर, मोहल्ले-मोहल्ले में सुबह से ही रंग-बिरंगे छज्जों के साथ सुंदर मुंदरिए हो... गीत गूंजते रहे। शाम को शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड, मेटाडोर स्टैंड पर भी भारी उल्लास के साथ लोहड़ी का त्योहार मनाया गया। शाम को लोहड़ी प्रज्ज्वलित कर आस्था के साथ अर्घ्य डाला गया।
सभी ने पारिवारिक सुख-समृद्धि की काना की। साथ ही एक दूसरे को उपहार भेंट किए। नवविवाहित जोड़ों के घरों में अथवा संतान जन्म लेने वाले बाद घरों में बधाइयों का दौर सुबह से ही शुरू हो गया।
ढोल की थाप के बीच नाच-गाना हुआ और उपहार भेंट किए गए। रात तक लोहड़ी प्रज्ज्वलित रही। रात का हिरण नृत्य की परंपरा भी निभाई गई। परंपरा के तहत इसका अभिनय किया गया।
लोहड़ी त्योहार के लिए घरों में तिलचौली को तैयार कर इसे वितरित करने की प्रथा है। बुधवार को तिल, मूंगफली, नए चावल, नए गुड़, सूखे मेवे, घी आदि के मिश्रण से बनाकर सूखे ढंग से तिलचौली तैयार की गई और सबको वितरित की गई।
लोहड़ी पर बाजार में मूंगफली, गजक, रेवड़ियों की भी खूब खरीदारी हुई। दुकानों ने अपनी दुकानों को मूंगफली से सजा रखा था। सुबह से लेकर शाम तक दुकानों में भीड़ रही और लोग खरीदारी करने में जुटे रहे। शाम को मूंगफली भी बांटी भी गई। इसके साथ उपहार भेंट किए गए।
लोहड़ी के पर्व को लेकर जियो और जीने दो की तरफ से तिलक नगर मोहल्ले में कार्यक्रम आयोजित किया गया।। इसमें काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान तारिक शाह के नेतृत्व में हुआ।
सबसे पहले आग जलाई गई और सभी ने एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाइयां दीं। शाह ने कहा कि लोहड़ी का त्योहार भाईचारे का त्योहार है। सभी धर्मों के लोगों को मिलजुलकर इसे मनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे के जाल में फंस रही है, जोकि एक चिंता का विषय है। देश के विकास के लिए युवा हमेशा नशे से दूर रहें। इस अवसर पर शकुंतला देवी, कौशल्या देवी, संजय, विजय, राहुल, बलदेव, साहिल आदि मौजूद थे।