फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K Encounter: बसंतगढ़ में छिपे दहशतगर्दों की मदद कर रहा पाकिस्तान से लौटा स्थानीय आतंकी, तीन अब भी घेरे में

Sun, 29 Jun 2025 06:53 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क उधमपुर

सार

उधमपुर के बसंतगढ़ में छिपे आतंकियों को एक स्थानीय आतंकी मदद कर रहा है, जो हाल ही में पाकिस्तान   है। सेना और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन जारी है, जिसमें एक आतंकी मारा गया है और तीन अब भी सुरक्षाबलों के घेरे में हैं।
विज्ञापन
सुरक्षाबल - फोटो : ani
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उधमपुर के बसंतगढ़ में ऑपरेशन बिहाली तीसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि आतंकियों की एक स्थानीय आतंकी मदद कर रहा है, जो कुछ समय पहले ही पाकिस्तान से लौटा है। आईजी जम्मू भीमसेन टूटी का कहना है कि आतंकी अब भी घेरे में हैं, क्योंकि सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से घेरा मजबूत कर दिया है। बीते वीरवार को मुठभेड़ में मारे गए आतंकी के पास से एम4 कारबाइन, भारतीय करेंसी, ग्रेनेड और अन्य सामान बरामद हुआ है।

विज्ञापन


आतंकी कठुआ के बाॅर्डर से लेकर डोडा-किश्तवाड़ के जंगलों तक पहुंचने के लिए पारंपरिक रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन रूटों की जानकारी स्थानीय आतंकियों को अधिक है। सीमा पार से घुसपैठ कर आए बसंतगढ़ में छिपे दहशतगर्द स्थानीय आतंकी का सहारा ले रहे हैं, ताकि उन्हें लंबे समय तक टिके रहने में मदद मिले।

यही आतंकी अपने जानकारों की मदद से इन आतंकियों को आश्रय, रसद और नकदी समेत अन्य सामान मुहैया करवा रहा है।आईजी ने बताया कि बसंतगढ़ में चार आतंकी घेरे गए थे। इनमें एक को मार गिराया गया। तीन अभी भी हैं। इसी समूह के दो आतंकी बीते वर्ष सितंबर में बसंतगढ़ में हुई मुठभेड़ में ढेर कर दिए गए थे। इस समूह के कठुआ से प्रवेश करने का शक है। इन आतंकियों की तलाश पूरी ताकत और तकनीक के साथ की जा रही है। सुरक्षाबलों ने शनिवार को भी क्रूर नाला, सियोजधार, प्याली, बिहाली, लोदरा के अलावा साथ लगते क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

स्थानीय आतंकी ने तैयार किया ओजी नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, आतंकियों के इस समूह के लिए ओजी नेटवर्क सक्रिय है, जिसे पाकिस्तान से आए बसंतगढ़ के एक स्थानीय आतंकी ने तैयार किया है। यही नेटवर्क अब इन आतंकियों की मदद कर रहा है। इनकी मदद से आतंकी जंगल और प्राकृतिक गुफाओं का इस्तेमाल करके छिपने के लिए एक से दूसरे इलाके में जा रहे हैं। अभी बीते वर्ष ही आतंकियों को भोजन व आश्रय देने के लिए पांच ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें