डोडा में किसानों की अोर से तैयार की गई लैवेंडर की खेती। संवाद
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डोडा जिले में गंभीर संकट से जूझ रहा है लैवेंडर किसान
किसान बोले-बिक्री में गिरावट व लगातार वित्तीय घाटे ने किया फसल नष्ट करने पर मजबूर
डोडा। डोडा जिले में लैवेंडर किसान गंभीर संकट से जूझ रहा है। लैवेंडर तेल की बिक्री में गिरावट और लगातार वित्तीय घाटे ने उन्हें फसल नष्ट करने पर मजबूर कर दिया है।
किसानों को आगामी केंद्रीय बजट 2025 से बहुत उम्मीदें हैं। डोडा के लैवेंडर किसान भारत भूषण (जिन्हें 2020 में प्रधानमंत्री ने इनोवेटिव फार्मर अवार्ड से सम्मानित किया था) ने बताया कि मैंने 2010 में लैवेंडर की खेती शुरू की थी और शुरुआती वर्षों में यह बहुत लाभदायक था।
मगर पिछले दो साल से लैवेंडर तेल नहीं बिक रहा है और हम घाटे में चल रहे हैं। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि खेतों में फसल नष्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हम केंद्र सरकार से 2025 के केंद्रीय बजट में डोडा के लैवेंडर किसानों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करने का आग्रह करते हैं। किसानों का मानना है कि केंद्रीय बजट में लक्षित समर्थन उनके उद्योग को पुनर्जीवित कर सकता है। यह बजट आखिरी उम्मीद है। केंद्रीय बजट 2025 नजदीक आ रहा है और सभी की निगाहें सरकार पर टिकी हैं। संवाद