माता वैष्णो देवी के भक्तों को मिलेगा फायदा
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वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर शुक्रवार रात हुए भूस्खलन में अपनी बेटे और पत्नी को खो चुके सूर्यकांत साहनी की हालत कुछ ऐसी थी, मानो किसी पत्थर में तब्दील हो गए हों। बार-बार वह कह रहे थे कि वह अपने दो अन्य बच्चों को क्या जबाब देंगे कि उनकी मां व भाई कहां हैं।
केमिकल फैक्ट्री में बतौर आपरेटर काम करने वाले सूर्यकांत बताते हैं कि यात्रा के दौरान भारी बारिश के चलते वह एक शेड में रुके थे कि अचानक तेज बिजली कड़की व तेज पानी के बहाव के साथ बड़ा पत्थर रास्ते में आ गिरा। उस पत्थर ने उसे दूसरी ओर फेंक दिया, जबकि उनकी बेटा व पत्नी चट्टान की चपेट में आ गए।
अन्य श्रद्धालु संजय पुत्र टीके जयंती लाल निवासी बंगलूरू का कहना था कि वह अपने दोस्तों के साथ यात्रा मार्ग पर जा रहा था। बारिश के कारण वह रास्ते में बने शेड में रुके थे कि दो दोस्तों द्वारा पूरी तरह से भीग जाने के कारण बारिश में ही चलना शुरू कर दिया, जबकि अन्य शशिधर व संतोष वहीं पर रुके रहे। उन्होंने बताया कि हादसे के दौरान उनके दोस्त शशिधर की मौत हो गई, जबकि संतोष गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में मारे गए घोड़ा चालक मोहम्मद सदीक का शव लेने पहुंचे परिजनों की हालत भी हर किसी को विचलित कर रही थी।