चिनैनी की कुछ जगहों में तवी नदी पर पुलों का अभाव, कई लोग गवां चुके हैं जान
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। क्षेत्र के बीचों-बीच बहने वाली तवी नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों के लिए विकास के दावे आज भी खोखले साबित हो रहे हैं। नदी के दोनों ओर बसी बड़ी आबादी के लिए संपर्क पुलों का न होना गंभीर समस्या बन चुका है। आलम यह है कि ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनती तवी नदी को पार करने को मजबूर हैं। ऐसे में कई बार लोग जान भी गवां चुके हैं।
ग्रामीण राजेंद्र शर्मा, भूषण कुमार, मोहन लाल और गोपीनाथ ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि तवी नदी पर पुल न होने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि नदी पर पुल हो तो दूसरे छोर पर पहुंचने में चंद मिनट लगते हैं। पुल के अभाव में उन्हें घूमकर जाना पड़ता है, जिससे डेढ़ से दो घंटे का समय बर्बाद होता है। आपातकालीन स्थिति और स्कूली बच्चों के लिए यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
पुराने पुलों को प्रयोग में लाने का सुझाव
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष सुझाव भी रखा है। उनका कहना है कि क्षेत्र में कई ऐसी जगहें हैं जहां नए पुल बनने के बाद पुराने पुल बेकार पड़े हैं। यदि सरकार इन पुराने ढांचों को वहां से हटाकर उन स्थानों पर स्थापित कर दे जहां पुलों की सख्त जरूरत है, तो बड़ी समस्या का कम लागत में समाधान हो सकता है।
सरकार से विशेष ध्यान देने की मांग
लोगों ने सरकार और प्रशासन से गुहार की है कि तवी नदी पर पुलों के निर्माण के लिए विशेष योजना बनाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन से मांग कर चुके हैं लेकिन अब तक उन्हें आश्वासन ही मिला है। उन्होंने मांग की है कि नदी किनारे बसे गांवों की सुरक्षा और आवाजाही सुलभ करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर पुलों का निर्माण किया जाए।