हादसों के दौरान प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं की जरूरत, एक्स-रे मशीन भी खराब
डॉक्टरों के ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं, मरीजों को इलाज के लिए होना पड़ रहा परेशान
मजालता। पंजाब और हिमाचल प्रदेश को धार रोड के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला यह इलाका प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं के गंभीर अभाव से जूझ रहा है। मजालता तहसील में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भरनारा में मरीजों को इलाज के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
केवल आयुष डॉक्टर के भरोसे पीएचसी की सेवाएं
भरनारा पीएचसी में केवल एक आयुष डॉक्टर के सहारे ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं चलाई जा रही हैं। एमबीबीएस डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। आयुष डॉक्टरों को ही आपातकालीन सेवाओं की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है, जिससे गंभीर मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में एक दंत चिकित्सक तो तैनात हैं, लेकिन दंत चिकित्सा उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है।एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है और न ही कोई तकनीशियन उपलब्ध है, जिससे हड्डी या अन्य चोट से जुड़े मरीजों को परेशानी हो रही है।अस्पताल में सफाई के लिए स्थायी कर्मचारी तक नहीं है। केवल 1000 रुपये मासिक पर एक अस्थायी सफाई कर्मचारी रखा गया है, जो दिन में मात्र आधे घंटे के लिए सफाई करता है। संवाद
इस अस्पताल के बगल से धार रोड निकलता है, जिस कारण दुर्घटना की आशंका रहती है। उनके परिवार ने अस्पताल को बनाने के लिए भूमि दान की थी। मगर इस अस्पताल की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ गई है।
अजीत राम, स्थानीय निवासी
बार-बार स्थायी तौर पर एमबीबीएस डॉक्टर को तैनात करने की मांग के बावजूद कोई डॉक्टर नहीं भेजा गया। सिर्फ खानापूर्ति के लिए कभी कभार दूसरे अस्पताल से एमबीबीएस डॉक्टर को कुछ दिनों के लिए अटैच कर दिया जाता है।
राजेश शर्मा, पूर्व सरपंच भरनारा
कुलदीप सिंह कहते हैं कि अस्पताल की हालत सब सेटंर से भी बदतर हो गई है। छोटी सी बीमारी में भी लोगों को जिला अस्पताल उधमपुर या जम्मू की शरण में जाना पड़ता है। कई बार मरीजों को डॉक्टर नहीं होने की बजह से बेरंग लोटना पड़ता है स्थिति रात को और बत्तर होती है।
कुलदीप सिंह, स्थानीय निवासी
सबसे ज्यादा समस्या महिला मरीजों को उठानी पड़ती है। प्रसव में डाॅक्टर के सलाह की अविलंब आवश्यकता होती है। उस दौरान भी लोगों को जम्मू और उधमपुर जाना पड़ता है।
मदन सिंह, पूर्व पंच भरनारा