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Udhampur News: प्रस्ताव में फंसा हेड मास्टर का भविष्य, चार साल से बिना मुखिया के चल रहा थपलाल स्कूल

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बंदना देवी
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उधमपुर। तहसील रामनगर के गांव थपलाल का सरकारी मिडिल स्कूल आधुनिक शिक्षा तो दूर बुनियादी सुरक्षा और नेतृत्व के लिए तरस रहा है। पिछले चार वर्षों से स्कूल बिना स्थायी हेडमास्टर के चल रहा है। विडंबना ऐसी है कि जिम्मेदार अधिकारी चार साल बाद भी केवल कागजी प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं।
करीब 102 छात्रों वाले स्कूल में 70 प्रतिशत बच्चे अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। स्कूल परिसर में न तो चाहरदीवारी है और न ही खेलने के लिए मैदान। स्थानीय सुभाष शर्मा और कालीदास का कहना है कि बाउंड्री वॉल न होने से आवारा पशु क्लासरूम तक पहुंच जाते हैं। कच्चे मैदान की धूल से बच्चे एलर्जी और सांस की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। बरसात में स्कूल परिसर कीचड़ में तब्दील हो जाता है।
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स्कूल में तैनात छह शिक्षकों में से एक शिक्षिका पिछले चार साल से हेडमास्टर का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही हैं। प्रशासनिक उलझनों और शिक्षण कार्य के बीच संतुलन बिठाना चुनौतीपूर्ण हो गया है, जिसका सीधा खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। अभिभावकों का मानना है कि यदि स्कूल में बेहतर शैक्षणिक और भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ सर्वांगीण विकास में भी मदद मिलेगी। गांववासियों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल को 10वीं कक्षा तक अपग्रेड किया जाए, ताकि बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे गांव या दूर के स्कूलों में न जाना पड़े। संवाद
चाहरदीवारी न होने के कारण जानवर आ रहे हैं अंदर
लोगों के अनुसार स्कूल में चाहरदीवारी न होने के कारण बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानवर और बाहरी लोग बिना रोकटोक स्कूल परिसर में आ जाते हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में चाहरदीवारी का निर्माण कराया जाए ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में बिना किसी परेशानी के पढ़ाई कर सकें। इसके अलावा स्कूल परिसर में खेल मैदान का निर्माण कराया जाए, जिससे बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
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शिक्षा ढांचे को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग के प्रयास लगातार जारी हैं। स्कूल की तरफ से प्रस्ताव मिलने पर उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि समय पर समाधान हो सके।
- गिरधारी लाल, जेडईओ, रामनगर।
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