उधमपुर। शहर में कूड़ा प्रबंधन को लेकर शुरू की गई डोर टू डोर कलेक्शन सेवा 12 दिन से बंद पड़ी हुई है। इसकी वजह से शहरवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोग खुले में कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं या फिर नदी नालों को दूषित कर रहे हैं। शहर के विभिन्न चौक चौराहों में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेवारी नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की है, जबकि नगर परिषद के अधीन पड़ते 21 वार्डों से कूड़ा एकत्र करने के लिए प्राइवेट ठेकेदार को जिम्मेवारी सौंपी गई है। वह प्रतिदिन वाहनों के माध्यम से लोगों के घर-घर जाकर कूड़ा कलेक्शन करते हैं लेकिन 10 महीनों में यह सेवा किन्हीं कारणों की वजह से तीन बार बंद हो चुकी है। इससे लोगों को इस सेवा का सही ढंग से लाभ नहीं मिल पा रहा है।
एक साल में कई बार बंद हुई सेवा
पिछले वर्ष घर-घर कचरा संग्रहण का ठेका दिल्ली की कंपनी को दिया गया था लेकिन मासिक शुल्क की सही ढंग से अदायगी न होने की वजह से कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर कई बार काम बंद किया। मार्च 2024 में कंपनी का ठेका पूरा होने पर अन्य ठेकेदार ने डोर टू डोर सेवा की कमान संभाली लेकिन एक माह के भीतर उसने भी काम छोड़ दिया। उसके बाद एक स्थानीय ठेकेदार को डोर टू डोरा सेवा का ठेका दिया गया लेकिन 30 नवंबर ठेके की अवधि पूरी होने पर काम फिर से बंद कर दिया गया।
मुनाफा न होने से प्रभावित हो रही योजना
लगातार प्रभावित हो रही डोर टू डोर सेवा के पीछे मुख्य कारण मुनाफे में कमी बताई जा रही है। ठेकेदारों को मुनाफा तो दूर, कर्मचारियों का वेतन और वाहनों का पेट्रोल खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में कोई ठेकेदार सेवा को सुचारु ढंग से जारी नहीं रख पा रहा है। डोर टू डोर सेवा के लिए प्रत्येक घर से 100 रुपये और दुकानदारों से 250 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वाहनाें पर प्रत्येक वार्ड से जमा किए जाने वाले लगभग 18 से 20 टन कचरे को डंपरों के माध्यम से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर मांड में शिफ्ट करना होता है। वहां पर कूड़े के निस्तारण के लिए परियोजना तैयार की गई है।
कभी भी नियमित रूप से जारी नहीं रही सेवा
वहीं शहरवासी जीवन प्रकाश, विजय कुमार, मीनू शर्मा और शकुंतला देवी ने बताया कि डोर टू डोर सेवा जब से शहर में शुरू हुई है, कभी भी नियमित रूप से जारी नहीं रही। खासकर वार्ड नंबर 17, 12 और 11 में साल में एक महीने भी सर्विस को सुचारू ढंग से जारी नहीं रखा गया नए कर्मचारी डोर टू डोर कूड़ा लेने आते हैं। ऐसे में सही ढंग से सेवा न मिल पाने की वजह से मासिक शुल्क देने का भी मन नहीं करता। पिछले 10 दिन से भी अधिक समय हो गया, कोई भी कचरा लेने नहीं आया। इसकी वजह से उन्हें मजबूरन खुले में कूड़ा फेंकना पड़ रहा है।
जल्द होगी टेंडर प्रक्रिया, बहाल होगी सेवा
नगर परिषद के खिलाफवर्जी इंस्पेक्टर राजेश सैनी ने बताया कि डोर टू डोर कलेक्शन सेवा को लेकर जल्द ही टेेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और यह सेवा को बहाल किया जाएगा। इस बारे में नगर परिषद के सीईओ से भी फोन पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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