किश्तवाड़ में सीईओ ने पौने नौ बजे सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किए थे आदेश
किश्तवाड़। जिले में वीरवार सुबह खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन द्वारा सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया। जिला उपायुक्त के निर्देशों के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) संजय डोगरा ने करीब पौने नौ बजे सोशल मीडिया के माध्यम से इस संबंध में आदेश जारी किया।
आदेश में कहा गया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के कारण विद्यार्थियों व शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियातन सभी स्कूल बंद रहेंगे। हैरानी की बात यह रही कि दोपहर बाद जिले में मौसम पूरी तरह साफ हो गया। न तो बारिश हुई और न ही बर्फबारी, बल्कि अच्छी धूप निकल आई। मौसम साफ होते ही प्रशासन के निर्णय को लेकर निजी स्कूलों के प्रबंधन और अभिभावकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।
हालांकि कुछ लोगों ने प्रशासन के पक्ष में भी बात की। उनका कहना था कि खराब मौसम की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला सावधानी के तौर पर उचित था। साथ ही यह सुझाव भी दिया कि भविष्य में शहर और दूरस्थ क्षेत्रों की स्थिति को अलग-अलग देखते हुए निर्णय लिया जाए ताकि पढ़ाई पर कम असर पड़े।
शहर के स्कूलों में हो सकती थी पढ़ाई
निजी स्कूलों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम की वजह से छुट्टी देनी ही थी तो इसे केवल दूरदराज और पहाड़ी इलाकों तक सीमित रखा जाना चाहिए था। उन क्षेत्रों में भूस्खलन और फिसलन का खतरा अधिक रहता है जबकि शहर के स्कूलों में पढ़ाई सामान्य रूप से जारी रखी जा सकती थी। वहीं लोगों का कहना है कि सालभर में 150 दिनों से भी कम समय स्कूल खुल पाते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। छुट्टी का फैसला लेते समय स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर संतुलित निर्णय लिया जाना चाहिए।