किश्तवाड़। जिला प्रशासन ने मचैल माता यात्रा 2026 को लेकर दिशा-निर्देश और सुरक्षा नियमावली जारी कर दी है। उपायुक्त कार्यालय (श्री मचैल यात्रा सेल) की ओर से जारी आदेश का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। यात्रा का शुभारंभ 14 अप्रैल को बैसाखी के पावन अवसर पर होगा। मंगलवार सुबह आठ बजे मंदिर के गर्भगृह में स्थापना पूजन (धार्मिक अनुष्ठान) संपन्न किया जाएगा। श्रद्धालुओं सुबह 11 बजे के बाद दर्शन कर सकेंगे।
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत सुबह 10 से 11 बजे के बीच किसी भी व्यक्ति को निर्धारित होल्डिंग प्वाइंट से आगे जाने या गर्भगृह मार्ग में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। गर्भगृह और अनुष्ठान के दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रा मार्ग और मंदिर परिसर में शराब, तंबाकू उत्पाद और मांसाहारी भोजन ले जाने या सेवन करने पर सख्त पाबंदी रहेगी।
प्रशासन ने यात्रा को पवित्र बनाए रखने के लिए भक्तों से सहयोग की अपील की है। सभी श्रद्धालुओं को कतार व्यवस्था का पालन करने और सुरक्षा कर्मियों व श्राइन बोर्ड के स्वयंसेवकों के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से कहा है कि वे दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।