संवाद न्यूज एजेंसी
किश्तवाड़। उपायुक्त और जिला आयुष सोसायटी के अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा जिला आयुष सोसायटी के कामकाज का वीरवार को आकलन किया। समीक्षा बैठक के दौरान सीईओ और जिला नोडल अधिकारी आयुष डॉ. विक्रम सिंह जमवाल ने जिले में आयुष विभाग के बुनियादी ढांचे और कार्यप्रणाली पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
उपायुक्त ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवा में आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों को अपने दैनिक जीवन में आयुर्वेद को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि आयुर्वेद एक प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है जो रोगों के मूल कारणों का समाधान करके रोकथाम पर केंद्रित है। जिला नोडल अधिकारी ने बैठक में निवारक स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रबंधन में आयुष कर्मचारियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने जिला आयुष औषधि भंडार और औषधीय पौधों की नर्सरी स्थापित करने के लिए स्थान की आवश्यकता पर भी चर्चा की। उपायुक्त ने औषधि भंडार के लिए किराए का आवास और नर्सरी के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराकर सहयोग का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने जिला आयुष अधिकारी को आयुष संस्थानों में ओपीडी सेवाएँ बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन आयुष सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने में हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
यह भी बताया गया कि भारत सरकार का आयुष मंत्रालय 23 सितंबर, 2025 को 10वें आयुर्वेद दिवस का आयोजन करेगा। इस अवसर पर सेमिनार, प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, पौधरोपण अभियान, चिकित्सा जाँच, योग सत्र और गैर-संचारी रोगों की जाँच सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अतिरिक्त उपायुक्त बैठक के दौरान पवन कोतवाल, डीएसडब्ल्यूओ जुबैर अहमद, सीडीपीओ राहिदा लोन, सीईओ संजय डोगरा, एक्सईएन जल शक्ति संजीव कुमार गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।