- बैटरी कार, रोपवे केबल और हेलिकॉप्टर सेवा का श्रद्धालुओं ने उठाया लाभ, दोपहर बाद त्रिकुटा पर्वत पर छाए बादल
- वीरवार को 2798 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई तो शुक्रवार शाम चार बजे तक 2300 श्रद्धालु भवन के लिए रवाना हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के दरबार में पल-पल बदल रहे मौसम के बीच यात्रा जारी है। शुक्रवार को दोपहर तक मौसम साफ रहा। इसके बाद त्रिकुट पर्वत पर बादल छा गए। उधर श्रद्धालु मां के दरबार के लिए प्रस्थान करते रहे। बैटरी कार, रोपवे केबल सेवा के साथ श्रद्धालुओं ने हेलिकॉप्टर सेवा का भी लाभ उठाया।
शु़क्रवार दोपहर बाद त्रिकुटा पर्वत पर घने बादलों का जमघट लग गया। लगातार ठंडी हवाएं चलती रहीं। जिस तरह से मौसम का मिजाज है, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बारिश का सामना करना पड़ सकता है। सभी यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सहायता के लिए श्राइन बोर्ड के सहायता मित्र जगह-जगह तैनात हैं। वर्तमान में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी देखने को मिल रही है। भवन परिसर के साथ सभी मार्ग तथा अन्य धार्मिक स्थल लगभग खाली पड़े हुए हैं।
बीते 18 सितंबर को लगभग 2798 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई थी तो वहीं 19 सितंबर को शाम चार बजे तक करीब 2300 श्रद्धालु पंजीकरण करवा कर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। वहीं भूस्खलित क्षेत्र में एसडीआरएफ के साथ ही आपदा प्रबंधन दल, सफाई कर्मचारियों आदि की टीमें तैनात हैं ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी ना हो। श्राइन बोर्ड लगातार श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
भीड़ न होने के कारण श्रद्धालु बिना इंतजार के मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन कर रहे हैं। भक्त भवन से रोपवे केबल कार में सवार होकर भैरव घाटी पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं को प्राचीन गर्भ जून गुफा के दर्शन भी बिना विलंब हो रहे हैं। इससे श्रद्धालु अत्यंत प्रसन्न नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी मार्गों पर पुलिस के साथ सीआरपीएफ तथा श्राइन बोर्ड के कर्मचारी तैनात हैं।
भवन मार्ग पर हेल्प डेस्क स्थापित करने के साथ अलग वर्दी में स्वयंसेवक किए तैनात :
सीईओ
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सचिन कुमार वैश्य ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता की। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रैक पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। कभी-कभी श्रद्धालुओं को पूछना पड़ता है, बहुत सारी चीजें समझानी पड़ती हैं। भवन मार्ग पर श्राइन बोर्ड के स्वयंसेवक भी तैनात किए गए हैं जो एक अलग वर्दी में नजर आएंगे। इस वर्दी पर लिखा रहेगा कि मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूं। श्रद्धालु इनसे हर जानकारी हासिल कर सकते हैं। सीईओ ने बताया कि आगामी 22 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वागत के लिए श्राइन बोर्ड पूरी तरह से तैयार है। मैं आपके माध्यम से बताना चाहूंगा कि सुरक्षा व्यवस्था को पहले से और मजबूत किया गया है। श्राइन बोर्ड की तरफ से जो लंगर चल रहे हैं उनको भी काफी मजबूत किया गया है। इस बार हमने जोर दिया है कि किसी भी श्रद्धालु को कोई कमी न रहे। सजावट के बारे में अगर बात की जाए तो पूरे मार्ग के साथ भवन क्षेत्र और अर्धकुंवारी क्षेत्र को सजाया जा रहा है। श्राइन बोर्ड का प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को पिछले साल जो सुविधाएं मिली थीं इस साल उससे बेहतर सुविधाओं का अनुभव कराया जा सके।