संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा । मां वैष्णो देवी के दरबार में शनिवार को मौसम ने यात्रियों के साथ खेल-सा खेला। सुबह का खुला आसमान देखकर श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली, लेकिन दोपहर तक काले बादलों ने फिर से मुश्किलें बढ़ा दीं। हेलिकॉप्टर सेवा महज तीन-चार घंटे ही चल पाई जबकि सैकड़ों श्रद्धालु भवन तक हवाई मार्ग से पहुंचने में कामयाब रहे। मगर अचानक बिगड़े मौसम ने सेवा को ठप कर दिया।
त्रिकुटा पर्वत पर घने कोहरे ने दृश्यता शून्य कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए हेलिकॉप्टर उड़ानें रोक दीं लेकिन मां के भक्तों का हौसला नहीं डगमगाया। सैकड़ों श्रद्धालु पैदल, घोड़े, पिट्ठू और पालकी से भवन की ओर बढ़ते रहे। जय माता दी के जयकारों से पूरा रास्ता गूंज उठा।
श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का प्रबंध किया है। मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में बारिश और धुंध की चेतावनी दी है जिसके मद्देनजर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील की है।
रविवार को शाम चार बजे तक 16,100 श्रद्धालुओं ने आरएफआईडी कार्ड लेकर यात्रा शुरू की। शनिवार को 26,200 भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई थी। सप्ताहांत पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी हैं हालांकि बारिश के मौसम में औसतन 18,000-21,000 यात्री ही दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।