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Udhampur News: मां वैष्णो देवी की यात्रा शुरू होने की खबर से भक्तों और कारोबारियों में दौड़ी खुशी की लहर

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22 दिन तक दर्शनी ड्योढ़ी और भवन मार्ग पूरी तरह से सुनसान पड़े रहे
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घोड़ा, पिट्ठू और पालकी वाले मजदूरों के सामने खड़ा हो गया था रोजगार का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 22 दिनों तक बंद रहने के बाद मां वैष्णो देवी की यात्रा आखिरकार बुधवार से फिर से शुरू हो रही है। इस खबर से कटड़ा के स्थानीय कारोबारियों, मजदूरों और देशभर से आए श्रद्धालुओं में खुशी की लहर है।
धर्मनगरी कटड़ा में लगातार हो रही बारिश के कारण भवन मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन हो रहा था। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को लगातार 22 दिनों तक स्थगित रखा। इस दौरान दर्शनी ड्योढ़ी और भवन मार्ग पूरी तरह से सुनसान पड़े थे। प्रशासन का कहना था कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और मार्गों के सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
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स्थानीय अर्थव्यवस्था पर गहरा असर
यात्रा बंद होने से कटड़ा की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ा। होटल, रेस्टोरेंट और दुकानें खाली पड़ी थीं जिससे व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ। वहीं, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी वाले मजदूरों के पास कोई काम नहीं था जिससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। स्थानीय लोग कई दिनों से यात्रा फिर से शुरू करने की मांग कर रहे थे।

श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास
यात्रा बंद होने के बावजूद देशभर से आए श्रद्धालु निराश नहीं हुए। वे धैर्यपूर्वक कटड़ा में ही रुके रहे और यात्रा के फिर से शुरू होने का इंतजार करते रहे। मुंबई और उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने कई महीनों पहले ही यात्रा की बुकिंग करवा ली थी। श्राइन बोर्ड ने भी इन श्रद्धालुओं की मदद के लिए कटड़ा के त्रिकुटा भवन परिसर में निःशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की। वर्तमान में लगभग 250 श्रद्धालु यहां रुके हुए थे।
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नवरात्र के लिए सज रहा मां का दरबार
22 सितंबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र के लिए मां वैष्णो देवी भवन और आस-पास के मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। इस काम के लिए भारत के अलावा श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और इटली जैसे देशों से विशेष फूल और भव्य मूर्तियां मंगवाई गई हैं। करीब 500 कारीगर मां के दरबार को सजाने में जुटे हैं, ताकि नवरात्र से पहले यह काम पूरा हो सके। उम्मीद की जा रही है कि नवरात्र में यात्रा सुचारू रूप से चलेगी और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मां के दर्शन के लिए पहुंचेगी।
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