संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) ने वीरवार को ''अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क: प्रौद्योगिकियां, रुझान और शिक्षण प्रतिमान'' विषय पर यूजीसी-एमएमटीटीसी प्रायोजित अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया।
इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, हरियाणा, केरल और तेलंगाना सहित पूरे भारत से 100 से अधिक संकाय प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण 5जी और 6जी इंटरनेट ऑफ थिंग्स कृत्रिम बुद्धिमत्ता साइबर सुरक्षा और हरित, टिकाऊ संचार पर केंद्रित है। इन प्रगतियों को शिक्षण, अनुसंधान और पाठ्यक्रम डिजाइन में एकीकृत करने पर जोर दिया जा रहा है।
आईआईटी बीएचयू वाराणसी, आईआईटी जम्मू, वोलोंगोंग विश्वविद्यालय दुबई, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़, उद्योग और एसएमवीडीयू के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा सत्र संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए लाइव प्रदर्शन और केस स्टडी शामिल हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षण कौशल को उन्नत करना शोध क्षमता का निर्माण करना और छात्रों को तेजी से बदलते दूरसंचार और डिजिटल परिदृश्य के लिए तैयार करना है।
एसटीटीपी का संचालन माननीय कुलपति, प्रो. प्रगति कुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। समन्वयक डॉ. शशि भूषण कोटवाल और श्री स्वास्तिक गुप्ता ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और प्रो. सुप्रण के. शर्मा निदेशक, एमएमटीटीसी, प्रो. शारदा एम. पोटुकुची उप निदेशक, एमएमटीटीसी, प्रो. कुमुद आर. झा डीन, एफओई, और एसएमवीडीयू टीम के प्रति उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।