कटड़ा। मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्कूल के संकाय सदस्य डॉ. अंकुश रैना ने छठे मलेशियाई अंतरराष्ट्रीय ट्राइबोलॉजी सम्मेलन माईट्राइबोस 2025 में 3डी प्रिंटिंग और ट्राइबोलॉजी विषय पर एक शोध पत्र प्रस्तुत किया। अंतरराष्ट्रीय ट्राइबोलॉजी परिषद से संबद्ध मलेशियाई ट्राइबोलॉजी सोसायटी ने ये सम्मलेन करवाया।
इसमें दुनिया भर के प्रमुख शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और औद्योगिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। अपनी प्रस्तुति में डॉ. रैना ने एसएमवीडीयू में कार्यरत समूह की ओर से ट्राइबोलॉजिकल अध्ययनों के साथ एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग 3डी प्रिंटिंग को एकीकृत करने पर चल रहे शोध को प्रदर्शित किया। प्रस्तुति में दानिश लांगेह, डॉ. मीर इरफान उल हक और डॉ. अंकुश रैना के संयुक्त कार्य शामिल थे। यह शोध पॉलिमर और मिश्रित सामग्रियों का उपयोग कर कार्यात्मक घटकों के डिजाइन और निर्माण का अन्वेषण करता है।
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साथ ही उनके घिसाव प्रतिरोध, सतही अंतःक्रियाओं और वास्तविक दुनिया की परिचालन स्थितियों में प्रदर्शन का विश्लेषण भी करता है। यह शोध हल्के इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों, टिकाऊ विनिर्माण प्रथाओं और ऑटोमोटिव एवं बायोमेडिकल क्षेत्रों में अनुकूलित समाधानों के विकास के लिए आशाजनक है। डॉ. रैना ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान को आगे बढ़ाने में श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय की ओर से प्रदान किए गए समर्थन और प्रोत्साहन की सराहना की।
एसएमवीडीयू के कुलपति प्रोफेसर डॉ. प्रगति कुमार ने डॉ. रैना को उनके शोध योगदान और वैश्विक मंच पर प्रस्तुति के माध्यम से विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बधाई दी।