उधमपुर। जिले के ब्लॉक मौंगरी के अंतर्गत पंचायत कलसोत के वार्ड पांच स्थित प्राइमरी स्कूल जाली-सरकुंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अध्यापिका कक्षा में पलंग पर आराम फरमाती नजर आ रही हैं। जबकि बच्चे बाहर दीवारों और छतों पर लटकते दिख रहे हैं।
घटना एक अप्रैल की है। स्कूल में किसी काम से पहुंची महिला अभिभावक ने जब अध्यापिका को सोता देख सवाल किया तो उन्होंने सिर चकराने और गैस की समस्या का बहाना बनाया। आरोप है कि लापरवाही को उजागर करने पर अध्यापिका ने अभिभावक को ही केस में फंसाने की धमकी दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि शिक्षिका के सोने के कारण बच्चे पढ़ाई छोड़कर स्कूल की दीवारों और बाथरूम की छत पर चढ़ रहे थे जिससे किसी भी समय हादसा हो सकता था।
समाजसेवी ने उठाए सवाल
समाजसेवी पवन देव सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से अभिभावकों का विश्वास इसलिए उठता जा रहा है। यदि अध्यापिका की तबीयत खराब थी तो उन्हें विभाग को सूचित कर छुट्टी लेनी चाहिए थी। इस तरह बच्चों को भगवान भरोसे छोड़कर स्कूल में बिस्तर लगा लेना गलत है। उन्होंने दूरदराज के इलाकों में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल उठाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जोनल एजुकेशन अधिकारी को तुरंत जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही अध्यापिका से भी लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ, उधमपुर