उधमपुर/रामबन। बारिश के बाद रामबन के विभिन्न इलाकों में गिरी पस्सियों के चलते बंद जम्मू-श्रीनगर हाईवे को वीरवार सुबह चौथे दिन बहाल कर दिया गया है। फिलहाल मार्ग में फंसे वाहनों को निकालने के बाद सिर्फ छोटे वाहनों को घाटी के लिए छोड़ा गया है, जिसके बाद चालकों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
वहीं, कई स्थानों से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिस कारण यातायात को सुचारु रखने के लिए ट्रकों को उधमपुर के जखैनी से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई है। इस कारण सयाल, रठियान, बट्टल बालियां, गरनेई, फ्लाटा व टिकरी तक ट्रकों की कतारें लगी हैं।
रामबन के विभिन्न हिस्सों में पस्सियां गिरने से लतागार तीन दिनों से बंद जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग को चौथे दिन वीरवार सुबह यात्री वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। हालांकि घाटी की तरफ जाने वाले ट्रकों की आवाजाही अभी बहाल नहीं की गई है। केवल रास्ते में फंसे ट्रकों को ही छोड़ा गया है। वीरवार को हाईवे बहाल होने पर उधमपुर से सबसे पहले छोटे यात्री वाहनों को घाटी की ओर से रवाना किया गया। इसके बाद बीच में फंसे बड़े यात्री वाहनों को भी बारी-बारी से निकाला गया। तीन-चार दिन से हाईवे पर फंसे परेशान यात्रियों व चालकों को काफी राहत मिली है।
हाईवे पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए घाटी की ओर से जाने वाले ट्रकों को जखैनी चौक से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई है। इससे ट्रक चालकों में काफी मायूसी देखने को मिली। डोडा, किश्तवाड़ व भद्रवाह की तरफ जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों सहित ट्रकों की आवाजाही भी बहाल कर दिए जाने से फल-सब्जियां व अन्य खाद्य सामग्री लेकर जाने वाले ट्रक चालकों को भी काफी राहत मिली रही। संबंधित अधिकारियों के मुताबिक रामबन में अभी भी कई स्थानों पर काफी संख्या में पस्सियां गिरी हुई हैं, जिन्हें हटाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। इसके बाद जखैनी चौक से भी ट्रकों की आवाजाही को बहाल कर दिया जाएगा।
फिलहाल केवल यात्री वाहनों की आवाजाही को सुचारू किया गया है। एहतियातन अभी जखैनी चौक से ट्रकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। जबकि जम्मू की तरफ जाने वाले ट्रकों की आवाजाही भी सुचारू है। जखैनी चौक पर रोके गए ट्रकों को भी जल्द ही रवाना किया जाएगा। उधमपुर के जखैनी चौक से ट्रकों को घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं मिलने से वीरवार को भी दिनभर उधमपुर के सयाल, रठियान, बट्टल बालियां, गरनेई, फ्लाटा व टिकरी तक ट्रकों की कतारें लगी रहीं। दिनभर ट्रक चालक आगे जाने की अनुमति का इंतजार करते नजर आए।