भद्रवाह। डोडा जिले के भद्रवाह इलाके के एक पहाड़ी गांव में सेना एक बार फिर गंभीर रूप से बीमार एक महिला के लिए देवदूत बनकर सामने आई।
उसके पिता की गुहार पर पहुंचे सेना के जवानों ने घुटनों तक बर्फ में दो किलोमीटर चलकर वाहन तक पहुंचाया। इसके बाद पीएचसी भर्ती कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि बर्फ से ढके गांव मिर्च बाला में रहने वाली 25 वर्षीय मंजू देवी के पिता ने सोमवार को गंदोह स्थित सेना की राष्ट्रीय राइफल्स से बेटी को अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद मांगी। सेना ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल यूनिट को मौके के लिए रवाना कर दिया। नर्सिंग सहायक और चिकित्सा सुविधाओं के साथ जवान लगभग दो किलोमीटर तक घुटने तक गहरी बर्फ में चलकर कम से कम समय में परिवार तक पहुंच गए। वाहन तक पहुंचाने के लिए जवानों ने मंजू देवी को खाट पर लिटाया और पहाड़ से उतरकर वहां पहुंचे जहां सैन्य वाहन खड़ा किया गया था। इसके बाद उसे सेना के वाहन से गंडोह पब्लिक हेल्थ सेंटर (पीएचसी) ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे डोडा के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। सेना और नागरिक प्रशासन के चलते जीएमसी पहुंचते ही मंजू देवी का इलाज शुरू हो गया। परिवार ने सेना को दोस्त बताते हुए इस मदद के लिए शुक्रिया कहा।