डोडा। नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की बैठक वीरवार को जिला मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई। बैठक में नशीली दवाओं के खतरे को रोकने के लिए पहल की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान, मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ चल रहे अभियानों, कानून प्रवर्तन उपायों, जागरूकता अभियानों और निवारक रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन से बचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नागरिक समाज और शैक्षणिक संस्थानों के साथ नशीली दवाओं के दुरुपयोग, नशा मुक्त भारत अभियान के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए संवाद आयोजित करें
डोडा के ज़िला मजिस्ट्रेट ने ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट परिणाम प्राप्त करने के लिए सामुदायिक सहभागिता को मज़बूत करने और विभागीय प्रयासों के समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में दवा दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया।
एसएसपी डोडा ने सघन निगरानी, तस्करों पर कड़ी कार्रवाई और नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की कार्रवाई पर ज़ोर दिया। उन्होंने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को जंगली भांग की खेती वाले हॉटस्पॉट्स को जियो-टैग करने और उसके व्यवस्थित विनाश के लिए संबद्ध विभागों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया। बैठक में एडीसी डोडा, प्रिंसिपल जीडीसी डोडा, सीईओ डोडा, सीएओ डोडा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।