किश्तवाड़। सहायक श्रम आयुक्त (एएलसी) किश्तवाड़ ने रतले जल विद्युत परियोजना स्थल का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव को लेकर परियोजना प्रमुख (एचओपी) को कड़ी फटकार लगाई।
दौरे के दौरान एएलसी किश्तवाड़ ने परियोजना स्थल पर धरने पर बैठे निष्कासित (रिट्रेन्च्ड) कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं। कर्मचारियों ने पुनर्नियोजन को लेकर किए गए वादों के बावजूद उन्हें काम पर वापस न लिए जाने की शिकायत की।
बैठक के दौरान परियोजना प्रबंधन द्वारा निष्कासित कर्मचारियों के पुनर्नियोजन को लेकर किए गए दावों को एएलसी ने तथ्यहीन बताते हुए असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना ठोस रिकॉर्ड और प्रमाण के ऐसे दावे स्वीकार्य नहीं हैं।
एएलसी किश्तवाड़ ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और नियमों के अनुसार निष्कासित कर्मचारियों के पुनर्नियोजन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि श्रम कानूनों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।