किश्तवाड़। मेरे छोटे भाई के बच्चे का शुभ कर्म (मुंडन) रखा गया था। हम सब डोडा से खुशी-खुशी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे, लेकिन आज रोते-रोते वापस लौट रहे हैं।” यह बात किश्तवाड़ हादसे में मारे गए एक परिवार के चार लोगों के परिजन ओम प्रकाश ने कही। जिला अस्पताल में पहुंचे ओमप्रकाश और अन्य परिजन का रो-रो कर बुरा हाल था। ओम प्रकाश ने कहा, इस दर्दनाक हादसे में उनकी 21 वर्षीय बेटी सिमरन देवी की भी जान चली गई है। सिमरन जम्मू के एक कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। अपने परिवार के साथ धार्मिक दर्शन के लिए सरथल आई थी। उन्होने रोते बिलखते कहा कि हादसे में उनके भाई, भाभी, उनकी 7 माह की दूधमुंही बच्ची की भी मौत हो गई।
इस हृदय-विदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोग इसे खुशियों से मातम में बदली यात्रा बता रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, उपचार और हर संभव सहायता देने की मांग की है।
शुक्रवार रात को सरथल पहुंचा था परिवार
सरथल माता के मंदिर में दर्शन के लिए ये परिवार शुक्रवार की रात को पहुंचा था। शनिवार को पूरे दिन परिवार मंदिर में रहा। इसके बाद शाम को सभी लोग अपने गांव देसा लौट रहे थे कि हादसा हो गया।