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Udhampur News: अधूरे कार्य छोड़ने वाले ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई, किश्तवाड़ के उपायुक्त ने मांगी रिपोर्ट

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किश्तवाड़। उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने शनिवार को जिले के सभी उपमंडलों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत चल रही सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान इंजीनियरों से कहा गया कि उन ठेकेदारों की रिपोर्ट प्रस्तुत करें जिन्होंने कार्य अधूरे छोड़े या देरी की है, ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
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बैठक में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, भौतिक उपलब्धियों और कार्य निष्पादन में आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। परियोजना-वार प्रगति और समय-सीमा को दर्शाने वाली विस्तृत पॉवर पॉइंट प्रस्तुति भी प्रस्तुत की गई।
बैठक में बताया गया कि डिवीजन किश्तवाड़ में स्वीकृत 99 परियोजनाओं में से 58 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 41 पर कार्य प्रगति पर है। डिवीजन मढ़वा में 21 में से 13 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 5 पर कार्य जारी है। उपायुक्त ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत विभिन्न चरणों में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं चंदाली, इखाला से लोपारा, मरगी से सुखनाई, चेरजी से सैमनाभाटा, हिडयाल से हरगाड़ी, अफानी से जर, शाशू से साजर, शीवास से ओंगई, अथोली से पलाली और कंडनी से ओहली की विस्तार से समीक्षा की। योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन पुलों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
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बैठक के दौरान इंजीनियरों से कहा गया कि सभी कार्य समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। समय पर कार्य पूरा न करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि निर्माण कार्यों के दौरान निकले मलबे का निपटारा निर्धारित स्थलों पर ही हो तथा वन क्षेत्रों को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाया जाए।
यह भी कहा गया कि किसी भी स्थिति में वन भूमि को नुकसान नहीं पहुंचे। साथ ही सड़कों के किनारे पौधरोपण अभियान चलाकर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जाए।
इंजीनियरों से यह भी कहा गया कि ऐसे ठेकेदारों की सूची प्रस्तुत करें जिन्होंने कार्य अधूरे छोड़े या देरी की है, ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। उपायुक्त ने जिला प्रशासन की निम्न गुणवत्ता वाले कार्यों के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए कहा कि कार्यों की सतत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में टिकाऊ, गुणवत्तापूर्ण और पर्यावरण-सम्मत ग्रामीण संपर्क सड़कों का निर्माण हो सके।
बैठक में एडीसी पवन कोतवाल, एसीआर किश्तवाड़ इदरीस लोन, सीपीओ किश्तवाड़ अखिल ठाकुर, एक्सईएन पीएमजीएसवाई किश्तवाड़ राजेश शर्मा, एक्सईएन पीएमजीएसवाई मरवाह, डीएफओ किश्तवाड़, एईईज और अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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