किश्तवाड़। उपायुक्त किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा ने सोमवार को जिले में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’(ओडीओप) तथा ‘डिस्ट्रिक्ट एज एक्सपोर्ट हब’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में उपायुक्त ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को ओडीओपी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छह माह की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के प्रमुख स्थानीय उत्पादों, विशेषकर राजमाश, कुट्टू और लाल चावल को जिले की निर्यात उत्पाद सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने इन उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया तैयार करने पर जोर दिया। कहा कि इससे उत्पादों में मूल्यवर्धन के साथ किसानों और स्थानीय उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उपायुक्त ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को उच्च अधिकारियों के समक्ष मामला उठाकर ओडीओपी और जिला निर्यात हब से जुड़े हितधारकों के लिए जिले में क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करवाने के प्रयास करने के निर्देश भी दिए।
पाडर क्षेत्र में जैविक रूप से उत्पादित कुट्टू की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने कहा कि क्षेत्र का कुट्टू अन्य जिलों और देश के विभिन्न हिस्सों में अपेक्षाकृत कम कीमत पर भेजा जा रहा है, जबकि प्रसंस्करण के बाद कुट्टू का आटा काफी अधिक कीमत पर वापस जिले में पहुंचता है। उन्होंने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र और कृषि विभाग को नागसेनी में पहले से कार्यरत किसान उत्पादक संगठन को कुट्टू की स्थानीय स्तर पर पिसाई और प्रसंस्करण के लिए प्रेरित एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण कुट्टू के आटे की उचित पैकेजिंग और विपणन व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया। उपायुक्त ने कृषि विभाग को एफपीओ से जुड़े सभी किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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