किश्तवाड़। शहर में पिछले लगभग दो सप्ताह से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। मुख्य बाजारों, वार्डों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़े-कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। कई स्थानों पर गंदगी के कारण पैदल चलना कठिन हो गया है और दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
नियमित सफाई व्यवस्था ठप होने से नालियां जाम होने लगी हैं जिससे गर्मी और नमी के इस मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिले में पवित्र मचैल माता यात्रा और मिंदल माता यात्रा चल रही है। जम्मू, डोडा, उधमपुर और भद्रवाह समेत अन्य क्षेत्रों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश करते ही गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं को नाक-मुंह ढककर गुजरना पड़ रहा है जिससे जिला मुख्यालय की छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
व्यापारियों के अनुसार इस बदहाली का सीधा असर कारोबार पर पड़ा है। आमतौर पर यात्रा के दौरान श्रद्धालु किश्तवाड़ में रुककर खरीदारी करते थे और होटलों में ठहरते थे लेकिन वर्तमान हालात के कारण अब अधिकांश यात्री सीधे गुलाबगढ़ और अठोली की ओर रवाना हो रहे हैं।
कर्मचारियों को मिला समर्थन, समाधान की मांग
सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और पीडीपी नेताओं ने भी समर्थन में आवाज उठाई है। उनका कहना है कि सरकार को बातचीत के जरिये जल्द समाधान निकालना चाहिए। लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि हड़ताल को जल्द समाप्त करवाया जाए ताकि शहर को गंदगी से मुक्ति मिले और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।