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Udhampur News: राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में किश्तवाड़ जिला प्रदेश में अव्वल

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किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर में राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में जिला किश्तवाड़ ने अग्रणी स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 90 प्रतिशत खसरा नंबर मेकर स्तर पर पूर्ण एवं फ्रीज, 83 प्रतिशत चेकर स्तर पर जबकि 79 प्रतिशत अनुमोदन स्तर पर स्वीकृत किए जा चुके हैं। कुल 70 प्रतिशत जमाबंदियों का डिजिटलीकरण एवं फ्रीजिंग कार्य पूरा कर लिया गया है।
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डीसी पंकज कुमार शर्मा तथा विशेष सचिव (राजस्व) गुलाम रसूल ने रविवार को डीसी कार्यालय में बैठक कर इस उपलब्धि की समीक्षा की। बैठक में राजस्व विभाग द्वारा लागू सुधारों की जमीनी स्तर पर स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के सख्त अनुपालन पर जोर दिया।
संबंधित राजस्व अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश जारी किए गए। तहसीलदार किश्तवाड़ निर्भय शर्मा ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से जिले में जमाबंदियों के डिजिटलीकरण और फ्रीजिंग के तहत अब तक की गई प्रगति की जानकारी दी। डीसी ने जिले की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बिखरी हुई आबादी के बावजूद राजस्व अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ के निरंतर प्रयासों की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सटीकता, पारदर्शिता और प्रभावी शिकायत निवारण को प्राथमिकता देते हुए शेष लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछड़े क्षेत्रों में नियमित निगरानी और लक्षित हस्तक्षेप जारी रहेंगे, ताकि सभी राजस्व सुधारों का क्रियान्वयन तय समय-सीमा के भीतर अक्षरशः सुनिश्चित किया जा सके।
विशेष सचिव (राजस्व) ने खसरा अनुमोदन, जमाबंदी फ्रीजिंग तथा शिकायत निवारण तंत्र की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्थायी आदेश 23-ए के तहत निर्धारित नीति ढांचे, विशेष रूप से मेकर–चेकर–एप्रूवर प्रणाली, रेवेन्यू प्लस एवं बीआईएसएजी-एन प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग तथा जमाबंदी फ्रीज करने से पहले जन शिकायतों के अनिवार्य निवारण पर सख्ती से अमल करने पर जोर दिया।
जिला प्रोफाइल के अनुसार किश्तवाड़ में कुल 156 राजस्व गांव/जमाबंदियां तथा 1,84,004 खसरा नंबर शामिल हैं। खाता संख्या के आधार पर गांवों को छोटे, मध्यम एवं बड़े वर्गों में विभाजित किया गया है। चिन्हित त्रुटियों के सुधार, लंबित म्यूटेशन प्रविष्टियों, शिकायतों के निस्तारण तथा अद्यतन जमाबंदियों के अंतिम फ्रीजिंग के लिए गांववार स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है, जो बड़े गांवों के लिए 15 मार्च 2026 तक निर्धारित है।
वर्तमान प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले की 4 तहसीलों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अब तक 1,66,242 खसरा नंबर (90 प्रतिशत) मेकर स्तर पर, 1,53,102 खसरा नंबर (83 प्रतिशत) चेकर स्तर पर तथा 1,45,752 खसरा नंबर (79 प्रतिशत) अनुमोदन स्तर पर पूर्ण किए जा चुके हैं।
वहीं, 156 में से 108 गांवों (लगभग 69 प्रतिशत) में जमाबंदियों को फ्रीज किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 74 गांवों में शिकायत संग्रहण प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है जबकि जिले भर में डिजिटलीकरण, सत्यापन और शिकायत निवारण की गतिविधियां समानांतर रूप से जारी हैं।
कई तहसीलों में डिजिटलीकरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जबकि अपेक्षाकृत कम प्रगति वाली तहसीलों में परिणामों में तेजी लाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
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