कटड़ा। धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के दरबार में उमस भरी गर्मी के बाद दोपहर को बारिश और ठंडी हवाओं के बीच वीरवार को भी मां वैष्णो देवी की यात्रा सुचारु रूप से जारी रही। हालांकि सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं को फिलहाल केवल पारंपरिक मार्ग से ही यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है। बीच-बीच में बारिश के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ माता के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़ते रहे।
जानकारी के मुताबिक करीब 12 दिनों के बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बैटरी कार मार्ग खोल दिया है और बैटरी कार सेवा भी बहाल कर दी गई है। हालांकि लगातार बदलते मौसम और बरसात को देखते हुए एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही अभी भी प्रतिबंधित है। प्रशासन का कहना है कि मौसम पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही श्रद्धालुओं को इस मार्ग से यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
वीरवार सुबह से ही त्रिकुटा पर्वत और कटड़ा क्षेत्र में बादलों का जमावड़ा बना रहा। दोपहर के समय कुछ देर के लिए हल्की बारिश हुई, लेकिन बारिश थमते ही श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के पारंपरिक मार्ग से भवन की ओर रवाना होते रहे। त्रिकुटा पर्वत पर लगातार बादल छाए रहने के कारण हेलिकॉप्टर सेवा पूरे दिन प्रभावित रही। ऐसे में श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा के अलावा घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवाओं का सहारा लेकर भवन तक का सफर तय किया। यात्रा में इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम बनी हुई है। इसके चलते न तो पंजीकरण केंद्रों पर अधिक भीड़ देखने को मिली और न ही दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ा। वीरवार शाम 5 बजे तक करीब दस हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे।