कटड़ा। एसएमवीडीयू एनसीसी यूनिट के एनसीसी कैडेट कार्तिक ने नेशनल कैडेट कॉर्प्स की तरफ से आयोजित प्रतिष्ठित सियाचिन बेस कैंप ट्रेकिंग अभियान में भाग लिया। इस अभियान ने कैडेट्स को ज़्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में एडवेंचर ट्रेनिंग का अनुभव करने और साथ ही सहनशक्ति, लचीलापन, लीडरशिप और टीमवर्क जैसे गुण विकसित करने का शानदार मौका दिया। अभियान के दौरान एसयूओ कार्तिक ने कड़ी ट्रेनिंग ली। इसमें दो दिन की ''''रॉक क्राफ्ट'''' और दो दिन की ''''आइस क्राफ्ट'''' ट्रेनिंग शामिल थी। इसमें उन्हें हिमालय के मुश्किल हालात में क्लाइंबिंग, रैपलिंग, गांठ बांधना, रस्सी संभालना, ग्लेशियर पर चलना, खुद को बचाने की तकनीक (सेल्फ-अरेस्ट) और पहाड़ों में जीवित रहने की ट्रेनिंग दी गई।
अभियान के हिस्से के तौर पर कैडेट्स ने लद्दाख की कई मशहूर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों का दौरा भी किया। इनमें हेमिस मठ, थिकसे मठ, डिस्किट मठ, शे पैलेस, शांति स्तूप, हॉल ऑफ फेम और सियाचिन वॉर मेमोरियल शामिल हैं। इन दौरों से उन्हें इस इलाके की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और रणनीतिक महत्व के बारे में अहम जानकारी मिली। अपना अनुभव बताते हुए एसयूओ कार्तिक ने कहा कि सियाचिन वॉर मेमोरियल जाना इस अभियान का सबसे प्रेरणादायक हिस्सा था क्योंकि इससे उन्हें दुनिया के सबसे मुश्किल हालात में काम करने वाले भारतीय सेना के जवानों के साहस, बलिदान और अटूट समर्पण को गहराई से समझने का मौका मिला।
एसएमवीडीयू के एनसीसी कोऑर्डिनेटर लेफ्टिनेंट (डॉ.) वरुण दत्ता और एयर विंग एनसीसी के इंचार्ज डॉ. यति अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के अभियान कैडेट्स को एडवेंचर स्किल्स, शारीरिक सहनशक्ति, लीडरशिप के गुणों और देश सेवा के प्रति समर्पण को बढ़ाकर बहुत अच्छा अनुभव देते हैं। एसएमवीडीयू के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) प्रगति कुमार और रजिस्ट्रार अजय कुमार शर्मा ने कार्तिक को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी और एनसीसी यूनिट की तारीफ की कि वे छात्रों को ऐसे मुश्किल राष्ट्रीय स्तर के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो युवाओं में अनुशासन, लीडरशिप और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देते हैं।