कटड़ा। धर्मनगरी में दूसरे दिन भी करीब डेढ़ घंटा दिन के समय प्राचीन गुफा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहे लेकिन यात्रा में इजाफा होने के कारण बंद कर दिए गए। श्रद्धालुओं को सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक प्राचीन गुफा के रास्ते से दर्शन का सौभाग्य मिला।
देशभर से मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जनवरी माह में मकर संक्रांति के बाद प्राचीन गुफा के रास्ते मां के दर्शन करने की होड़ रहती है। प्राचीन गुफा में भैरव बाबा के धड़ के ऊपर से गुजर कर मां वैष्णो देवी के दर्शन करने का सौभाग्य सिर्फ जनवरी और फरवरी माह में ही श्रद्धालुओं को मिलता है।
बता दें कि मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं के लिए खोली गई प्राचीन गुफा के मार्च माह के प्रथम पखवाड़े तक खुली रहने की पूरी संभावना है। इन दिनों मां वैष्णो देवी की यात्रा का आंकड़ा कम रहता है। श्राइन बोर्ड की पूरी कोशिश है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु प्राचीन गुफा के दर्शन कर सकें। इसको लेकर दिन के साथ ही रात्रि के समय भी श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा के दर्शन उपलब्ध होंगे।
वहीं मां वैष्णो देवी की पवित्र व प्राचीन गुफा खुलने के समाचार को लेकर वैष्णो देवी की यात्रा में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीती 14 जनवरी बुधवार को 23900 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में नमन किया था। वहीं 15 जनवरी वीरवार शाम 4 बजे तक करीब 14000 श्रद्धालु पंजीकरण करवा कर मां वैष्णो देवी भवन की ओर रवाना हो चुके थे।
कड़ाके की सर्दी के बावजूद वीरवार को भी दिनभर मौसम साफ रहा और श्रद्धालुओं को सभी तरंह की सुविधाएं प्राप्त हुईं। इनमें हेलिकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा, रोपवे केबल कार सेवा जैसी सुविधाएं प्रमुख हैं। इसके साथ ही श्रद्धालु घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी आदि का सहारा लेकर यात्रा करते नजर आए। जारी जनवरी माह में अब तक करीब 3:50 लाख श्रद्धालु मां वैष्णो देवी की यात्रा कर चुके हैं।