कटड़ा। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू क्षेत्र और होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन कटड़ा (एचआरएके) के प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त-सह-सचिव विक्रमजीत सिंह के साथ बैठक की। इस दौरान उद्योग को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि मौजूदा होटल, औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की इकाइयों को भी देने की मांग की गई।
इस दौरान रियासी की उपायुक्त निधि मलिक, जम्मू-कश्मीर व्यापार संवर्धन संगठन के प्रबंध निदेशक सुदर्शन कुमार, पीएचडीसीसीआई जम्मू क्षेत्र के अध्यक्ष राकेश वज़ीर, एचआरएके के अध्यक्ष श्याम लाल केसर और वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र केसर प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एक व्यापक ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसमें व्यापार, वाणिज्य और उद्योग के विकास और जम्मू क्षेत्र में पर्यटन के पुनरुद्धार को लेकर मांगें और सुझाव पेश किए गए। राकेश वज़ीर ने सरकार से आग्रह किया कि 30 सितंबर 2024 को समाप्त हो रही नई केंद्रीय क्षेत्र योजना एनसीएसएस को आगे बढ़ाया जाए। मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार को 2017 के औद्योगिक पैकेज के पर्याप्त विस्तार घटक के समान प्रावधानों को अपनाकर योजना में शामिल किया जाए। सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि निवेशकों को बड़े होटलों, बोर्डिंग स्कूलों, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों, होटल प्रबंधन संस्थानों और हवेली-प्रकार के गंतव्य रेस्तरां जैसी बुनियादी ढांचे से जुड़ी पर्यटन परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
श्याम लाल केसर ने अनुरोध किया कि वर्तमान में उद्योग को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि मौजूदा होटल, औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की इकाइयों को भी दी जानी चाहिए। इसी तरह, 31 मार्च 2019 तक होटलों को मिलने वाले औद्योगिक बिजली शुल्क लाभ बहाल किए जाने चाहिए। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त एवं सचिव विक्रमजीत सिंह ने सभी मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।