राजोेरी। जिले के धरा गांव के लोगों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने खन्यालकोट–धरा सड़क की तत्काल मरम्मत और बहाली की मांग की। हाल ही में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह जाने के कारण यह वाहनों की आवाजाही के लिए असुरक्षित हो गई है। उन्होंने विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि खन्यालकोट–धरा सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा है, जो धरा तथा आसपास के गांवों को खन्यालकोट और राजोेरी के अन्य क्षेत्रों से जोड़ती है। सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों, मरीजों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों तथा आम लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। लोगों को अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और बाजार तक पहुंचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भूस्खलन की घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद सड़क की बहाली के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि हाल की भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से पहले ही प्रभावित लोगों की परेशानियां प्रशासन की लापरवाही के कारण और बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पीएमजीएसवाई अधिकारियों से मांग की कि युद्धस्तर पर मशीनरी और कर्मचारियों को मौके पर भेजकर मलबा हटाया जाए तथा क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित यातायात बहाल किया जाए। साथ ही भविष्य में भूस्खलन से सड़क को बचाने के लिए मजबूत रिटेनिंग वॉल और समुचित जल निकासी व्यवस्था का निर्माण भी किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क की बहाली नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।