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Udhampur News: डोडा में पशुपालकों को पशुओं की बीमारियों और वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन के प्रति किया जागरूक

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डोडा। पशुपालकों को पशुओं की बेहतर देखभाल, बीमारियों से बचाव और वैज्ञानिक तरीके से डेयरी प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग डोडा की ओर से किसान खिदमत घर डोंगरू मोहाला में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 81 किसानों ने भाग लेकर पशुओं के स्वास्थ्य, संतुलित पोषण और विभागीय योजनाओं की जानकारी हासिल की। शिविर का उद्देश्य पशुओं में बीमारियों की रोकथाम, पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए किसानों को जागरूक करना था। इस दौरान किसानों को पशुओं से संबंधित विभिन्न बीमारियों और उनके बचाव के उपायों की जानकारी देने वाले पर्चे वितरित किए गए। साथ ही प्रत्येक सहभागी किसान को पशुओं के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक किलोग्राम मिनरल मिक्सचर भी प्रदान किया गया। मुख्य पशुपालन अधिकारी डोडा डॉ. इरफान अली वानी ने किसानों को संबोधित करते हुए रेबीज, लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) और खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) सहित पशुओं में होने वाली प्रमुख बीमारियों के लक्षण, संक्रमण फैलने के कारण और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समय पर पशु चिकित्सा सहायता लेने और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने पर जोर दिया।
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रेबीज के प्रति जागरूकता को विशेष महत्व देते हुए डॉ. वानी ने कहा कि संदिग्ध संक्रमित पशुओं के संपर्क से बचना चाहिए तथा कुत्तों और बिल्लियों का निर्धारित समय पर रेबीज टीकाकरण करवाना जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि किसी संभावित संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने पर घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोकर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
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