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Udhampur News: डोडा में डेंगू ने बढ़ाई चिंता, जीएमसी में सात मामले सामने आए

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डोडा। जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) डोडा में अब तक करीब सात डेंगू के मामले आ चुके हैं। वहीं, डॉक्टरों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से रोजाना करीब 10 से 20 मरीज डेंगू जैसे लक्षणों के साथ अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में पहुंच रहे हैं। निजी क्लीनिकों में भी डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती देखी जा रही है।
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जीएमसी डोडा के कंसल्टेंट डॉ. गोविंद कुमार ने बताया कि संदिग्ध और पुष्टि वाले डेंगू मरीजों की उचित जांच, उपचार और नियमित चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है। जीएमसी में मरीजों के लिए पर्याप्त बिस्तरों और आइसोलेशन की व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने लोगों को डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने और चिकित्सकीय निगरानी में उपचार कराने की सलाह दी।
डॉक्टरों के अनुसार हाल में हुई बारिश के कारण जिले के कई स्थानों पर पानी जमा हो गया है। लोगों की ओर से साफ-सफाई का पर्याप्त ध्यान नहीं रखने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। ऐसे में डेंगू के मामलों में और बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए लोगों को अपने घरों और आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मामले सामने आने वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। आवश्यकता के अनुसार फॉगिंग और अन्य मच्छररोधी गतिविधियां भी की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। पानी की टंकियों, कूलरों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य कंटेनरों की नियमित सफाई करें और जहां भी जमा पानी दिखाई दे, उसे तुरंत हटाएं। डॉक्टरों ने बताया कि इस मौसम में डेंगू के मामले बढ़ने की संभावना रहती है। तेज बुखार, लगातार उल्टी, पेट में दर्द, खून आना, अत्यधिक कमजोरी या पानी पीने में परेशानी जैसे चेतावनी संकेत दिखाई देने पर मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। वहीं, स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नगर निकाय से भी मोहल्लों में साफ-सफाई व्यवस्था मजबूत करने तथा नियमित अंतराल पर मच्छररोधी स्प्रे और फॉगिंग करवाने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए विभागीय प्रयासों के साथ-साथ लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
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