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Udhampur News: जीडीसी ठाठरी कैंपस की मांग को लेकर भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी

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डोडा। ठाठरी में लंबे समय से लंबित सरकारी डिग्री कॉलेज कैंपस के निर्माण की मांग को लेकर शुरू हुई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवार को चौथे दिन भी जारी रही। 20 अगस्त से शुरू हुए इस आंदोलन में प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक कॉलेज के स्थायी कैंपस का भौतिक निर्माण कार्य जमीन पर शुरू नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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सरकारी डिग्री कॉलेज ठाठरी की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी और इसी वर्ष शैक्षणिक गतिविधियां भी शुरू हो गई थीं। करीब डेढ़ दशक बीत जाने के बावजूद कॉलेज आज तक स्थायी भवन के बिना चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलेज फिलहाल उस छोटे भवन में संचालित हो रहा है, जहां पहले ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस चलता था। स्थायी कैंपस के निर्माण को लेकर पिछले कई वर्षों से छात्र, स्थानीय निवासी, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि आवाज उठाते रहे हैं। भूमि की पहचान, अधिग्रहण और अन्य औपचारिकताओं के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।
20 अगस्त को सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार ने एसडीएम कार्यालय ठाठरी के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। बाद में राज कुमार भी उनके साथ शामिल हो गए। इसके बाद नासिर आलम और फस्सिल डार ने भी भूख हड़ताल में हिस्सा लिया, जिससे प्रदर्शनकारियों की संख्या चार हो गई।
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आंदोलन को स्थानीय लोगों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक नेताओं, पूर्व पार्षदों और छात्रों का समर्थन मिल रहा है। डोडा विधायक मेहराज मलिक ने भी शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर लंबित औपचारिकताएं पूरी कर जल्द से जल्द कैंपस का निर्माण शुरू करवाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांग किसी नए कॉलेज की स्थापना की नहीं, बल्कि वर्ष 2011 में स्थापित कॉलेज के लिए आवश्यक स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण की है। उनका कहना है कि छात्रों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, पर्याप्त पुस्तकालय और उचित शैक्षणिक सुविधाओं से युक्त स्थायी परिसर मिलना चाहिए।
चौथे दिन भी प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य जीडीसी ठाठरी के स्थायी कैंपस का भौतिक निर्माण जल्द शुरू करवाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के विद्यार्थियों को इन समस्याओं का सामना न करना पड़े।
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