उधमपुर। आजकल की बदलती जीवन शैली में शरीर के किसी हिस्से में अचानक झनझनाहट, चुभन, जलन या सुन्नपन महसूस होना आम समस्या है। इसे चिकित्सा भाषा में पैरेस्थीसिया कहा जाता है। यह समस्या कुछ समय के लिए सामान्य कारणों से हो सकती है, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक बने रहने पर इसके पीछे नसों, रक्त संचार या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसे नजरंदाज न करें और समय पर जांच करवाएं।
पैरेस्थीसिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें त्वचा पर बिना किसी बाहरी कारण के झनझनाहट, चुभन, जलन, खुजली, रेंगने जैसा अहसास या सुन्नपन महसूस होता है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार पैरेस्थीसिया मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है अस्थायी और लगातार रहने वाला। अस्थायी पैरेस्थीसिया सबसे सामान्य है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या किसी नस पर दबाव पड़ने से पैर या हाथ में पिन्स और नीडल्स जैसा अहसास हो सकता है। स्थिति बदलने के बाद आमतौर पर यह कुछ समय में ठीक हो जाता है। पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, घबराहट, तेज सांस लेना और माइग्रेन जैसी स्थितियां भी अस्थायी पैरेस्थीसिया का कारण बन सकती हैं। वहीं, लगातार रहने वाला पैरेस्थीसिया लंबे समय तक बना रह सकता है । इसमें नस दबना, स्पाइनल स्टेनोसिस और परिधीय न्यूरोपैथी इसके संभावित कारणों में शामिल हैं। कुछ मामलों में स्ट्रोक या सिर तथा रीढ़ की गंभीर समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं। विटामिन की कमी, खासकर विटामिन बी समूह की कमी, हाइपोथायरॉइडिज्म और डायबिटीज से जुड़ी न्यूरोपैथी भी पैरेस्थीसिया का कारण बन सकती है। इसके अलावा कुछ संक्रमण, ऑटोइम्यून बीमारियां और नसों को प्रभावित करने वाले विषैले पदार्थ भी इसकी वजह हो सकते हैं।
मुख्य लक्षण
यदि लगातार झनझनाहट, कमजोरी, संतुलन बिगड़ना या शरीर के किसी हिस्से की कार्यक्षमता कम होना दिखाई दे तो चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। अचानक सुन्नपन के साथ कमजोरी, बोलने या देखने में परेशानी हो तो तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है।
कोट
यदि झनझनाहट या सुन्नपन बार-बार हो, जैसे अन्य लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सक से जांच करवाना जरूरी है। समय पर कारण की पहचान होने से उचित उपचार किया जा सकता है।
- डाॅ. ओवेस करनी, जूनियर रेजिडेंट मेडिसिन