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डेंगू : इस वर्ष 26,005 की हुई जांच, 9 मामले सामने आए

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उधमपुर। जिले में डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग विभाग की कार्रवाई सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों तक ही सीमित है। जहां निगरानी, जागरूकता के साथ दवा का भी वितरण किया जा रहा है लेकिन शहर में इसको लेकर किसी भी तरह की सावधानियां नहीं बरती जा रही हैं। इस वर्ष अब तक 26,005 लोगों की जांच की जा चुकी हैं, जबकि डेंगू के 9 मामले भी सामने आए हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 29 टीमें लगातार घर-घर जाकर जागरूक तो कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कहीं भी अब तक फागिंग या दवा का छिड़काव शुरू नहीं किया गया है।
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बरसात के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता, टेस्टिंग और क्लोरीन की दवा के वितरण के माध्यम से सक्रियता तो दिखाई जा रही है लेकिन डेंगू की रोकथाम को लेकर शहरी इलाकों में जमीनी स्तर पर कोई भी प्रयास नहीं किए जा रहे। लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी जमा होने और जगह-जगह फैली गंदगी से डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी यानी मादा मच्छर के पनपने का खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से गांव-गांव जागरूकता अभियान तो चलाए जा रहे हैं और लोगों को साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी जा रहा है लेकिन दूसरी तरफ शहर में कहीं भी कोई राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। खासकर आबादी वाले इलाकों में न ही फागिंग की जा रही है और न ही किसी तरह की दवा का छिड़काव किया जा रहा है। विभाग के मुताबिक किसी क्षेत्र से शिकायत मिलने पर कार्रवाई जरूर की जाती है।
डेंगू संक्रमण के अब तक के आंकड़ें
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में अब तक डेंगू के 9 मामले सामने आए हैं। इनमें 3 मामले जनवरी में मिले थे, जबकि 6 मामले जून में दर्ज किए गए। वहीं टिकरी ब्लाक के रौन दोमेल क्षेत्र से अगस्त में एक और मामला सामने आया है लेकिन विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। डेंगू की रोकथाम के लिए जिले के पांच ब्लाकों टिकरी, पंचैरी, रामनगर, मजालता और चनैनी में 29 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें रामनगर में 9, टिकरी में 8, चिनैनी में 6, मजालता में 4 और पंचैरी में 2 टीमें कार्यरत हैं। टिकरी और चिनैनी को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं टिकरी, पंचैरी और रामनगर में टीमें लगातार घर-घर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के उपाय बता रही हैं।
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डेंगू अभियान के दौरान अब तक हुए 26005 लोगों के टेस्ट
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मी लोगों को कूलर, गमलों, टंकियों, बाल्टियों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने देने और सप्ताह में एक बार उनका पानी बदलने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही पीने के पानी को सुरक्षित रखने के लिए क्लोरीन की दवा भी वितरित की जा रही है ताकि जलजनित बीमारियों से भी बचाव किया जा सके। विभाग की ओर से अब तक 26,005 डेंगू जांच की जा चुकी हैं।
कोट
डेंगू संक्रमित व्यक्ति से सीधे नहीं फैलता, बल्कि संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, कमजोरी, उल्टी तथा त्वचा पर लाल चकत्ते इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए।
- डाॅ. मोहम्मद लतीफ, जिला मलेरिया अधिकारी
फिलहाल केवल एक ही कर्मचारी तैनात है। इसी कारण पूरे शहर में नियमित फागिंग संभव नहीं हो पा रही है। जहां से शिकायतें मिल रही हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर फागिंग करवाई जा रही है। इसी सप्ताह हाउसिंग कालोनी और दब्बड़ पार्क क्षेत्र में फागिंग की जाएगी।
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- सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद
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