फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: ओलावृष्टि से धान की फसल को नुकसान, किसानों से बीमा कंपनी को सूचना देने की अपील

विज्ञापन
विज्ञापन
उधमपुर। जिले में पिछले दिनों से हो रही बारिश और चिनैनी व रामनगर में ओलावृष्टि के कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार अभी तक जिले में बड़े स्तर पर फसल खराब होने की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है लेकिन खेतों में कटाई के बाद रखी धान की फसल को बारिश से नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन

धान की कटाई के बाद खेतों में खुले में रखी फसल बारिश की चपेट में आने से प्रभावित हुई है। खेतों में पानी जमा होने से काटी हुई फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में किसानों के लिए अपनी फसल को सुरिक्षत रखना चुनौती बन गया है। कई महीनों की मेहनत के बाद फसल तैयार होती है और अब अंतिम समय में मौसम खराब होते ही चिंता बढ़ जाती है। वहीं, कृषि विभाग की ओर से फील्ड अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में फसल को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवाया है, उन्हें नुकसान होने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देने की सलाह दी गई है। इसके लिए किसानों को टोल-फ्री नंबर 14447 पर मिस्ड काल देनी होगी। वहीं, जिन किसानों ने फसल का बीमा नहीं करवाया है, उनके मामले में सरकारी सहायता के लिए संबंधित विभागों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा सकता है, लेकिन सहायता का लाभ निर्धारित नियमों और पात्रता पर निर्भर करेगा।
विज्ञापन

कोट
खुले में रखी धान की फसल पर बारिश का असर पड़ रहा है और नमी के कारण फसल खराब होने की चिंता बनी हुई है। ओलावृष्टि के कारण पक कर तैयार धान की बालियां नीचे गिर जाती हैं, जिससे फसल की पैदावार पर असर पड़ता है। किसानों को डर है कि मौसम उनकी मेहनत पर पानी न फेर दे।
- राकेश कुमार, किसान, चिनैनी।
धान की फसल तैयार होने के समय बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए परेशानी बन जाती है। बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होने से कटी हुई धान की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ कटाई के बाद रखे धान को भी बारिश से नुकसान पहुंचने की आशंका है।
- मोहन लाल, किसान, रामनगर
अभी तक जिले में बड़े स्तर पर फसल को नुकसान पहुंचने की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। बारिश के बीच खेतों में कटी हुई धान की फसल रखने वाले किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जहां संभव हो, वहां फसल को पानी जमा होने वाली जगह से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखें। फसल को सीधे गीली जमीन पर रखने से बचें और तिरपाल या अन्य उपयुक्त साधन से ढककर रखें।
विज्ञापन

- सुधीर मनहास, जिला कृषि अधिकारी ( विस्तार)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें